खिरो लामबगड़ ग्राम सभा ने सामाजिक आयोजनों में शराब पर लगाई पाबंदी, उल्लंघन पर 25 हजार जुर्माना

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खिरो लामबगड़ ग्राम सभा ने सामाजिक आयोजनों में शराब पर लगाई पाबंदी, उल्लंघन पर 25 हजार जुर्माना


चमोली जनपद की खिरो लामबगड़ ग्राम सभा ने अपने गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। ग्राम प्रधान मीना चौहान के नेतृत्व में आयोजित खुली बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव में किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक या धार्मिक कार्यक्रम में शराब पिलाने और परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस निर्णय का उल्लंघन करने वालों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

खुली बैठक के दौरान गांव में भांग की खेती पर भी सख्त रुख अपनाया गया। ग्राम सभा ने तय किया कि यदि कोई व्यक्ति गांव की सीमा में भांग या चरस की खेती करता पाया गया तो उस पर भी अर्थदंड लगाया जाएगा। बैठक के समय कोतवाल चित्रगुप्त अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे, जिससे निर्णय को प्रशासनिक समर्थन भी मिला।

ग्राम प्रधान मीना चौहान ने बताया कि उनका गांव बदरीनाथ धाम से मात्र 10 किलोमीटर पहले स्थित है और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा हुआ है। ऐसे में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए गांव एक सकारात्मक और अनुकरणीय संदेश देना चाहता है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में शराब पिलाने का चलन बढ़ रहा था, जो आने वाली पीढ़ी को नशे की ओर धकेल सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ग्रामीणों द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि गांव की सीमा से लगे ढाबों और दुकानों में शराब परोसी जा रही है, वहीं कुछ खेतों में भांग/चरस की फसल बोने की तैयारी की जा रही थी। इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श के बाद खुली बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी ग्रामीणों ने एकमत होकर शराबबंदी और नशे के खिलाफ निर्णय लिया।

ग्राम प्रधान के अनुसार, शराबबंदी के उल्लंघन में वसूली जाने वाली जुर्माने की राशि का उपयोग गांव के सामूहिक विकास कार्यों और गरीब व बुजुर्गों की सहायता के लिए किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह फैसला गांव के सामाजिक माहौल को बेहतर बनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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