देहरादून। बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर समर्थन के स्वर भी सामने आने लगे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक खजान दास, किशोर उपाध्याय, सहदेव पुंडीर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, बृजभूषण गैरोला और शक्तिलाल शाह शामिल रहे। सभी नेताओं ने कहा कि सीबीआई जांच की संस्तुति का निर्णय जनभावनाओं का सम्मान करने वाला है और इससे मामले में निष्पक्ष व पारदर्शी जांच का मार्ग प्रशस्त होगा।
जनभावनाओं और न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था और जनता इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति देना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नेताओं का कहना था कि इस निर्णय से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद मिली है, बल्कि आम जनता का भी न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने दोहराई निष्पक्ष जांच की बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता शुरू से ही इस मामले में सत्य सामने लाना और दोषियों को सख्त सजा दिलाना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी स्तर पर दोषियों को संरक्षण नहीं देगी और जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीबीआई जांच के माध्यम से हर पहलू की गहन जांच होगी और पीड़िता को न्याय दिलाना ही सरकार का उद्देश्य है।
सीबीआई जांच को लेकर प्रदेश की निगाहें केंद्र पर
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति दिए जाने के बाद अब केंद्रीय एजेंसी की औपचारिक स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही सीबीआई जांच की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो सकेगी। इस बीच सरकार का यह कदम राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।