कांग्रेस का बड़ा एलान: तीन माह तक विधानसभा स्तर पर जन जागरण, 16 फरवरी को राजभवन घेराव
स्थान: देहरादून
रिपोर्ट: ओम जोशी | The Mountain Stories
तारीख: 29 जनवरी 2026
देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में आज पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन का ऐलान किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि कांग्रेस आगामी तीन महीनों तक विधानसभा स्तर पर स्थानीय मुद्दों को लेकर जन जागरण अभियान चलाएगी और धरना-प्रदर्शन करेगी। इसी क्रम में 16 फरवरी को देहरादून में राजभवन का घेराव किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह मौजूद रहे। दिल्ली में इंदिरा भवन में हुई लंबी बैठक के बाद देहरादून लौटे सभी नेताओं ने एकजुटता का संकल्प दोहराया और हाथ उठाकर यह संदेश दिया कि कांग्रेस राज्य से जिला स्तर तक जन मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करेगी।
गणेश गोदियाल ने कहा कि दिल्ली बैठक में उन्होंने केंद्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति, भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों, घोटालों, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, अव्यवस्थाओं और नौकरियों की बंदरबांट जैसे मुद्दों से अवगत कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड टूट रहे हैं और अंकिता जैसे हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश के बावजूद ठोस कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में शराब, भू और खनन माफिया हावी हैं और महिला अपराध बढ़े हैं। कानून व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि अब जनता को साथ लेकर कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।
हरक सिंह रावत ने बताया कि 16 फरवरी को राजभवन घेराव कर इन सभी मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं—किसान, महिलाएं और बेरोजगार परेशान हैं तथा महंगाई चरम पर है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी पार्टी को एकजुट होकर भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया और अंकिता मामले में सरकार पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य से लेकर जिला और विधानसभा स्तर तक संगठनात्मक रणनीति के तहत जन संवाद, धरना-प्रदर्शन और आंदोलन तेज किए जाएंगे ताकि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके।
