हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: गंगा का जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंसे 21 श्रद्धालु, जल पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू
हरिद्वार (उत्तराखंड), रविवार। Haridwar की धर्मनगरी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब उत्तरी हरिद्वार के सप्त ऋषि क्षेत्र में गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 श्रद्धालु बीच धारा में फंस गए। राहत की बात यह रही कि जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अचानक बढ़ा जलस्तर, टापू पर फंसे श्रद्धालु
घटना सप्त ऋषि क्षेत्र स्थित Kabir Kutir Ghat के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्रद्धालु गंगा किनारे स्नान कर रहे थे, तभी पहाड़ी इलाकों में बारिश या बांध से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ गया। कुछ ही पलों में तेज बहाव के चलते श्रद्धालु बीच धारा में बने एक टापू पर अलग-थलग पड़ गए।
लहरों के तेज शोर और बढ़ते पानी को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। फंसे लोगों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
जल पुलिस की सूझबूझ से बचीं जानें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की विशेष टीम मौके पर पहुंची। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां गंगा की ‘नील धारा’ का बहाव काफी तेज था, जिससे नाव ले जाना जोखिम भरा था।
रेस्क्यू टीम ने राफ्टिंग बोट और मजबूत रस्सियों की मदद से करीब एक घंटे तक अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी 21 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तट पर लाया गया। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद श्रद्धालुओं ने भावुक होकर पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बढ़ रहा खतरा
प्रशासन ने घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि ‘नील धारा’ क्षेत्र स्नान के लिए प्रतिबंधित और असुरक्षित है। इसके बावजूद लोग शांति और एकांत की तलाश में यहां पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल चिन्हित और सुरक्षित घाटों, जैसे Har Ki Pauri, पर ही स्नान करें और चेतावनी बोर्ड व पुलिस के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
