CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 जारी, पास प्रतिशत में गिरावट; मेरिट लिस्ट नहीं होगी जारी
नई दिल्ली। Central Board of Secondary Education (CBSE) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 85.20% दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष 2025 के 88.39% की तुलना में 3.19 प्रतिशत कम है। बोर्ड के अनुसार इस बार परिणामों में गिरावट दर्ज की गई है।
CBSE द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कक्षा 12 की परीक्षा के लिए कुल 17,80,365 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 17,68,968 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 15,07,109 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए।
मेरिट लिस्ट जारी नहीं करेगा CBSE
CBSE ने इस वर्ष भी मेरिट लिस्ट जारी नहीं करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने कहा कि विद्यार्थियों के बीच “अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा” को रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, विभिन्न विषयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शीर्ष 0.1 प्रतिशत विद्यार्थियों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे।
लड़कियों ने फिर मारी बाजी
परिणामों में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में बेहतर रहा। बोर्ड के अनुसार लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से 6.73 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया।
त्रिवेंद्रम रहा शीर्ष पर, प्रयागराज सबसे पीछे
क्षेत्रवार परिणामों में त्रिवेंद्रम रीजन ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जहां पास प्रतिशत 95.62% रहा। वहीं प्रयागराज रीजन का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा और यहां केवल 72.43% विद्यार्थी सफल हुए।
मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
CBSE ने इस वर्ष कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पहली बार बड़े स्तर पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली लागू की। बोर्ड के अनुसार यह अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल मूल्यांकन पहल है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने का प्रयास किया गया।
17 फरवरी से 10 अप्रैल तक हुई थीं परीक्षाएं
CBSE की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गई थीं। परीक्षा केंद्र भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बनाए गए थे।
सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए पात्रता
CBSE ने सप्लीमेंट्री परीक्षा को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं—
- जो विद्यार्थी एक विषय में अनुत्तीर्ण हुए हैं और कम्पार्टमेंट श्रेणी में रखे गए हैं, वे सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
- जिन विद्यार्थियों को छठे या सातवें विषय में बदलाव के कारण फेल घोषित किया गया है, वे संबंधित विषय में परीक्षा दे सकेंगे।
- परीक्षा में सफल विद्यार्थी भी एक विषय में अपने अंक सुधारने के लिए सुधार परीक्षा (Improvement Exam) दे सकेंगे।
