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हल्द्वानी का शुद्धिकरण विवाद गरमाया, कांग्रेस ने सत्याग्रह से लेकर सीएम आवास कूच तक का बनाया प्लान

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हल्द्वानी का शुद्धिकरण विवाद गरमाया, कांग्रेस ने सत्याग्रह से लेकर सीएम आवास कूच तक का बनाया प्लान

हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद शुरू हुआ विवाद अब सियासी संघर्ष का रूप लेता नजर आ रहा है। रामलीला मैदान में रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। पार्टी ने जहां हल्द्वानी में सत्याग्रह के जरिए विरोध दर्ज कराया, वहीं अब 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच की तैयारी की जा रही है।

मामला 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सामने आया। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया, जिसे पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और दलित नेतृत्व के अपमान से जोड़ते हुए गंभीर मुद्दा बनाया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस मामले को लेकर राज्यपाल, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न थानों में शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसी को लेकर पार्टी सरकार पर लगातार दबाव बना रही है।

बुद्ध पार्क में सत्याग्रह, चरखा चलाकर जताया विरोध

गुरुवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में कांग्रेस ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर महात्मा गांधी के सत्याग्रह और अहिंसा के संदेश के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।

सत्याग्रह में राजीव गांधी पंचायती राज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार भी शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए मुकदमों का सहारा लिया जा रहा है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है और राजनीतिक मुद्दों पर आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं है।

राहुल गांधी पर मुकदमे को लेकर भी आक्रोश

सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। पार्टी का आरोप है कि हल्द्वानी में भाजपा सरकार की कथित शह पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण प्रकरण में कार्रवाई नहीं की जा रही है।

कांग्रेस ने दोनों मामलों को जोड़ते हुए सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया और कहा कि जब तक राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाता तथा शुद्धिकरण प्रकरण में कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

7 सितंबर को सीएम आवास कूच की तैयारी

अब कांग्रेस ने विरोध को हल्द्वानी से देहरादून तक ले जाने की तैयारी कर ली है। पार्टी के भीतर 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्तर के नेता भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि राहुल गांधी या अन्य राष्ट्रीय नेताओं की भागीदारी को लेकर पार्टी की ओर से अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

कांग्रेस नेता इसे केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि दलित सम्मान, लोकतांत्रिक अधिकार और विपक्ष की आवाज से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। वहीं, पार्टी के रुख से साफ है कि वह इस मामले को आने वाले विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक रूप से जीवित रखने की तैयारी में है।

हल्द्वानी में शुरू हुआ यह विवाद अब सत्याग्रह, आरोप-प्रत्यारोप और प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास कूच के जरिए उत्तराखंड की सियासत में नया मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस के आंदोलन के स्वरूप और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।


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