हरीश रावत को लेकर उमेश कुमार के तीखे बोल- “ड्रामेबाज और नौटंकीबाज हैं”, बोले- कांग्रेस का बंटाधार कर दिया
देहरादून: उत्तराखंड की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत तथा खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। उमेश कुमार के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बीच अब खुद उमेश कुमार ने वीडियो जारी कर इन अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वह न कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं और न ही भाजपा का दामन थामेंगे। उनका कहना है कि वह जन निर्माण पार्टी की सदस्यता लेने जा रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव इसी पार्टी के टिकट पर लड़ेंगे।
करीब साढ़े सात मिनट के वीडियो में उमेश कुमार ने हरीश रावत पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने रावत को संबोधित करते हुए कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं, टैक्सी किराया विवाद और वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार से जुड़े घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखी।
कांग्रेस में जाने की चर्चाओं पर उमेश कुमार ने दिया जवाब
उमेश कुमार ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस के भीतर जो भी राजनीतिक हलचल चल रही है, उसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें लेकर यह धारणा बनाई जा रही है कि वह कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खानपुर विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे और इसके लिए किसी दूसरी पार्टी के टिकट पर निर्भर नहीं हैं। उमेश कुमार ने कहा कि यदि उन्हें कोई राजनीतिक दल ज्वाइन करना है तो वह जन निर्माण पार्टी में शामिल होंगे और उसी के टिकट पर चुनाव लड़ने का उनका इरादा है। यही बात उन्होंने हालिया बयान में भी कही है।
“मेरे इतने बुरे दिन नहीं आए कि कांग्रेस में शामिल हो जाऊं”
कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं पर उमेश कुमार ने बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उनके इतने बुरे दिन नहीं आए हैं कि वह कांग्रेस में जाकर नेताओं के समर्थन में नारे लगाएं।
उन्होंने हरीश रावत को संबोधित करते हुए कहा कि उनका सम्मान अपनी जगह है, लेकिन वह किसी नेता के टिकट के सहारे राजनीति नहीं करेंगे। उमेश कुमार ने यह भी कहा कि जब हरीश रावत मुख्यमंत्री थे, तब भी वह उनसे नहीं डरे और आज भी उनके खिलाफ चल रहे राजनीतिक प्रचार से डरने वाले नहीं हैं।
टैक्सी किराया विवाद पर भी दी सफाई
उमेश कुमार ने अपने बयान में टैक्सी किराया विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके कंपाउंड में ही करीब 100 गाड़ियां खड़ी रहती हैं और ऐसे में उनके ऊपर टैक्सी का किराया नहीं देने का आरोप लगाने का कोई आधार नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी कार्यकर्ता ने किसी टैक्सी का किराया नहीं दिया है तो इसके लिए सीधे उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उमेश कुमार ने इसे अपने खिलाफ चलाए जा रहे प्रचार का हिस्सा बताया।
हरीश रावत को लेकर बोले- “कांग्रेस के कई नेता मेरे दरवाजे पर खड़े रहते थे”
वर्ष 2016 के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर भी उमेश कुमार ने हरीश रावत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में क्यों जाना चाहेंगे, जबकि कांग्रेस के कई नेता कभी उनके दरवाजे पर मदद के लिए आते थे।
उमेश कुमार ने दावा किया कि हरीश रावत भी मुख्यमंत्री बनने से पहले और मुख्यमंत्री बनने के बाद उनसे फोन पर मदद मांगते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि शायद उनके भाग्य में ही लिखा था कि हरीश रावत की सरकार उनके कारण गिरे।
हरीश रावत को बताया “ड्रामेबाज और नौटंकीबाज”
अपने वीडियो में उमेश कुमार ने हरीश रावत के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने उन्हें “ड्रामेबाज” और “नौटंकीबाज” तक कह दिया। साथ ही आरोप लगाया कि हरीश रावत ने उत्तराखंड में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया।
उमेश कुमार ने दावा किया कि असम और पंजाब में भी हरीश रावत की भूमिका से कांग्रेस को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि वह किसी नेता के टिकट की उम्मीद में राजनीति नहीं करेंगे और उनकी राजनीति का आधार अलग है।
“मेरी राजनीति कमीशनखोरी से नहीं चलती”
उमेश कुमार ने अपने बयान में अपनी राजनीतिक शैली को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी राजनीति कमीशनखोरी पर आधारित नहीं है। उन्होंने सिंचाई और पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों में कमीशन लेने संबंधी आरोपों को भी खारिज किया।
उन्होंने कहा कि वह गरीब लोगों के लिए राजनीति करने का दावा करते हैं और किसी नेता की कृपा या टिकट के भरोसे अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
2027 से पहले बढ़ रहा सियासी टकराव
उमेश कुमार के इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में हरीश रावत और उनके बीच पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस में उमेश कुमार के शामिल होने की अटकलों ने इस विवाद को और हवा दी थी, जबकि उमेश कुमार ने अब सार्वजनिक रूप से इन चर्चाओं को खारिज कर दिया है।
वहीं, हरीश रावत पहले ही उमेश कुमार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच बढ़ता राजनीतिक टकराव उत्तराखंड की सियासत में आगे भी चर्चा का विषय बना रह सकता है।
