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देहरादून में दशहरा महोत्सव में पहुंचे CM धामी, 35 हजार युवाओं को नौकरी और 13 हजार एकड़ जमीन से जुड़े दावों का किया जिक्र

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देहरादून में दशहरा महोत्सव में पहुंचे CM धामी, 35 हजार युवाओं को नौकरी और 13 हजार एकड़ जमीन से जुड़े दावों का किया जिक्र

देहरादून। परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयादशमी के संदेश के साथ प्रदेश सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त करने का भी अवसर है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, युवाओं को रोजगार देने, नकल पर रोक लगाने और सुशासन को लेकर सरकार के कदमों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों और आयोजन समिति को बधाई भी दी।

राम के आदर्शों से दिया सत्य और मर्यादा का संदेश

अपने संबोधन में धामी ने भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति, संपत्ति और विशाल सेना होने के बावजूद अहंकार तथा मर्यादा का उल्लंघन रावण के पतन का कारण बना। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, संयम, कर्तव्य और मर्यादा का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी पर समाज को भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी बुराइयों के खिलाफ भी संकल्प लेना चाहिए। उनके मुताबिक, सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।

अतिक्रमण, दंगों और समान नागरिक संहिता पर भी बोले CM

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान का जिक्र करते हुए दावा किया कि अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है।

उन्होंने धर्म और आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा समान नागरिक संहिता को भी सरकार के महत्वपूर्ण कदमों में शामिल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का उल्लेख

युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रियाओं पर बात करते हुए धामी ने कहा कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने और नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

निवेश, रोजगार और सुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक है। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार काम कर रही है।

उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके अनुसार, निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसरों का विस्तार करना जरूरी है।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की आवश्यकता भी बताई।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री का संदेश था कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए न्याय, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।


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