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किसानों के लिए जरूरी खबर: ऊपरी गंगनहर 8 नवंबर तक रहेगी बंद, छह जिलों में सिंचाई पर पड़ सकता है असर

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किसानों के लिए जरूरी खबर: ऊपरी गंगनहर 8 नवंबर तक रहेगी बंद, छह जिलों में सिंचाई पर पड़ सकता है असर

हरिद्वार। ऊपरी गंगनहर पर निर्भर किसानों के लिए अहम सूचना है। वार्षिक मरम्मत और रखरखाव कार्यों के चलते गंगनहर को करीब 18 दिनों तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के मुताबिक, नहर 20 और 21 अक्टूबर की मध्यरात्रि से बंद होकर 7 और 8 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि तक बंद रहेगी।

इस अवधि में नहर की मरम्मत, पुनर्स्थापना और सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। संबंधित विभाग को निर्धारित समय के भीतर सभी जरूरी अनुरक्षण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

छह जिलों के किसानों तक पहुंचाई जाएगी सूचना

ऊपरी गंगनहर की बंदी का असर हरिद्वार के साथ मेरठ, सहारनपुर, आगरा, बिजनौर और अलीगढ़ के नहर से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए शासन ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को नहरबंदी की जानकारी किसानों और स्थानीय लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन को समाचार माध्यमों और अन्य संचार साधनों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। इसके अलावा संबंधित सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी नहरबंदी के बारे में जानकारी देने के निर्देश हैं।

मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के काम होंगे

उत्तर प्रदेश शासन के अनु सचिव रमेश चन्द्र की ओर से प्रमुख अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को भेजे गए आदेश में नहरबंदी की अवधि निर्धारित की गई है। इस दौरान प्रस्तावित मरम्मत और अनुरक्षण कार्यों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

किसानों को अपनी सिंचाई की योजना बनाने की जरूरत

नहर बंद रहने की अवधि में ऊपरी गंगनहर पर निर्भर कृषि क्षेत्रों में सिंचाई की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की जरूरत और उपलब्ध जल संसाधनों को ध्यान में रखते हुए पहले से योजना बनानी चाहिए। संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की ओर से सूचना समय पर पहुंचाना भी महत्वपूर्ण होगा।

नहरबंदी का उद्देश्य जरूरी मरम्मत और रखरखाव कार्यों को पूरा करना है, ताकि आगे नहर की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। किसानों के लिए इस अवधि की जानकारी रखना जरूरी है, जिससे सिंचाई संबंधी तैयारियां समय रहते की जा सकें।


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