अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर चर्चा में, वीआईपी को लेकर सियासी घमासान तेज
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। 18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन घटना के दिन रिजॉर्ट में पहुंचे कथित वीआईपी को लेकर सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला दोबारा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। इसी क्रम में मंत्री सुबोध उनियाल ने पत्रकार वार्ता कर विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं तो सामने लाए जाएं, सरकार हर तरह की जांच के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच को सत्र न्यायालय, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है और अदालत ने स्वयं माना था कि इस मामले में सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है।
वायरल वीडियो से बढ़ी हलचल
दरअसल, यह विवाद भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी के सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के बाद शुरू हुआ। फेसबुक लाइव में महिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक कथित वीआईपी ‘गट्टू’ का जिक्र करते हुए उसे भाजपा का बड़ा नेता बताया। साथ ही वीडियो में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य का नाम भी लिया गया और एक ऑडियो का हवाला दिया गया, जिसमें कथित तौर पर पूरे मामले की जानकारी होने का दावा किया गया। इसके बाद यह मामला देहरादून से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचलों का कारण बन गया।
कांग्रेस की मांग: सीबीआई जांच
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेस वार्ता कर वायरल वीडियो दिखाया और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि दस दिनों के भीतर सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
भाजपा का पलटवार
वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर चुनावी राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस वीआईपी का मुद्दा उछालकर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही बताए कि वह वीआईपी कौन है। भट्ट ने यह भी कहा कि घटना के समय डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से अपील की थी कि यदि किसी को वीआईपी के बारे में जानकारी है तो सामने आए, लेकिन तब भी कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अपुष्ट और कथित छेड़छाड़ वाले वीडियो को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है और बिना पुष्टि आरोप लगाने वाली कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।
क्या था पूरा हत्याकांड
18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी की हत्या के बाद उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंका गया था, जो एक सप्ताह बाद बरामद हुआ। एसआईटी जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 97 गवाह बनाए गए, जिनमें से 47 गवाहों का परीक्षण किया गया।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354(ए) (छेड़खानी) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। वहीं, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर भी हत्या और साक्ष्य छुपाने सहित अन्य धाराओं में आरोप सिद्ध हुए, जिसके बाद तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
वीआईपी अब भी रहस्य
जांच के दौरान सामने आया था कि घटना के दिन अंकिता भंडारी ने अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में एक बड़े वीआईपी के आने की जानकारी दी थी और बताया था कि उस पर अतिरिक्त सेवा देने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, वह वीआईपी कौन था, यह रहस्य आज भी बरकरार है।
