देहरादून में फायरिंग कांड: रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का अंतिम संस्कार, सीएम धामी ने परिजनों से की मुलाकात
देहरादून, 1 अप्रैल।
राजधानी देहरादून में 30 मार्च को हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना में जान गंवाने वाले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पुत्र ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दुखद घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही अधिकारियों को “ऑपरेशन प्रहार” चलाकर असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 30 मार्च की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव स्थित एक नाइट क्लब में बिल को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गई।
आरोप है कि बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो कार में सवार कुछ युवकों ने ‘जेन जी क्लब’ के संचालक और स्टाफ की फॉर्च्यूनर कार पर गोलियां चलाईं। इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी फायरिंग की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच और कार्रवाई
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमे में भी सख्त कदम उठाए गए हैं। कुठालगेट चौकी इंचार्ज और एक सब-एक्साइज इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है, जबकि डीजीपी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटना के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है।
