सेहत अलर्ट: खड़े होकर पानी पीना बन सकता है बीमारी की वजह, आयुर्वेद ने दी सावधानी

Our News, Your Views

सेहत अलर्ट: खड़े होकर पानी पीना बन सकता है बीमारी की वजह, आयुर्वेद ने दी सावधानी

हरिद्वार/हेल्थ डेस्क।
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में लोग सेहत से जुड़ी छोटी-छोटी आदतों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। ऑफिस, घर या बाहर अक्सर लोग खड़े-खड़े ही पानी पी लेते हैं। लेकिन आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो पानी पीने का तरीका भी उतना ही जरूरी है जितना पानी पीना। खड़े होकर पानी पीने की आदत धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है।

बैठकर पानी पीना क्यों है बेहतर?

आयुर्वेद के अनुसार जब व्यक्ति बैठकर आराम से पानी पीता है, तो शरीर उसे धीरे-धीरे सोखता है और सही ढंग से उपयोग करता है। वहीं खड़े होकर पानी पीने से पानी तेजी से नीचे चला जाता है, जिससे शरीर उसे ठीक से यूज नहीं कर पाता।

जोड़ों और घुटनों पर पड़ता है असर

आयुर्वेद मानता है कि खड़े होकर पानी पीने से शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे पानी सही जगह इस्तेमाल होने के बजाय जोड़ों और घुटनों के आसपास जमा हो सकता है, जिससे कम उम्र में ही घुटनों का दर्द, अकड़न और जोड़ों की समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

किडनी पर बढ़ता है दबाव

बैठकर पानी पीने पर शरीर उसे “छानकर” आगे भेजता है, लेकिन खड़े होकर पानी पीने से पानी सीधे किडनी तक पहुंच जाता है। इससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय तक ऐसा करने से किडनी से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।

पाचन तंत्र भी होता है कमजोर

खड़े होकर पानी पीने से पानी पेट में तेजी से गिरता है, जिससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। इसके कारण गैस, एसिडिटी, पेट में जलन, कब्ज और भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

एनर्जी और ताकत पर भी असर

जब शरीर पानी को सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, तो उसका असर आपकी एनर्जी पर भी दिखता है। बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस होती है और शरीर सुस्त रहने लगता है।

स्वस्थ रहने के लिए पानी पीने के सही तरीके

  • हमेशा आराम से बैठकर पानी पिएं

  • पानी को घूंट-घूंट करके पिएं

  • जल्दबाजी न करें

  • बहुत ठंडा पानी पीने से बचें

  • सामान्य तापमान का पानी बेहतर होता है

  • कांच या मिट्टी के बर्तन में रखा पानी पिएं


Our News, Your Views