देहरादून में 25 फरवरी को धरना देगा इंडिया गठबंधन, भूमि अधिकार और विस्थापन के मुद्दे उठाए
देहरादून। इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में आगामी 25 फरवरी को देहरादून स्थित गांधी पार्क में धरना देने की घोषणा की है। कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक के दौरान गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार नियमों को दरकिनार कर ऋषिकेश, बिंदुखत्ता, पूछड़ी सहित कई क्षेत्रों में लोगों को बेदखल करने की कार्रवाई कर रही है।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राज्य में भूमि सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद यह प्रक्रिया रोक दी गई। उन्होंने कहा कि वर्षों से विभिन्न खत्तों, गोटों और टोंगिया ग्रामों—जैसे गांधी ग्राम, हरि ग्राम, इंदिरा ग्राम—को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग लंबित है। राज्य सरकार या तो इन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करे अथवा वहां बसे लोगों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
2016 की कट-ऑफ तिथि लागू करने की मांग
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मांग की कि वर्ष 2016 की कट-ऑफ तिथि को आधार मानते हुए बस्ती और वन भूमि पर निवास कर रहे लोगों को मालिकाना हक दिया जाए। हरीश रावत ने कहा कि वर्ष 2016 में राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी भूमि, ग्राम समाज की भूमि या अन्य श्रेणियों की जमीन पर निवास कर रहे करीब दो से ढाई लाख छोटे कब्जेदारों को मालिकाना हक देने का निर्णय लिया था। उनका आरोप है कि वर्तमान में ऐसे लोगों को व्यवस्थित तरीके से बेदखल किया जा रहा है और उनके पट्टे रद्द किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य विधानसभा द्वारा पारित मलिन बस्ती संबंधी कानून में वर्ष 2016 से पहले बसी बस्तियों को वर्गीकृत कर उन्हें मालिकाना हक देने का प्रावधान किया गया था, किंतु अब देहरादून समेत अन्य क्षेत्रों में ऐसी बस्तियों को भी हटाने के प्रयास हो रहे हैं।
भूमि उपयोग और पुनर्वास पर उठाए सवाल
रावत ने आरोप लगाया कि सीलिंग अथवा अन्य प्रक्रियाओं से एकीकृत की गई जमीनों का उद्देश्य भूमिहीनों और आपदाग्रस्त गांवों का पुनर्वास था, लेकिन अब ऐसी भूमि को पूंजीपतियों को लीज पर दिए जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यह आम लोगों के अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा है और इसी के विरोध में 25 फरवरी को गांधी पार्क में धरना आयोजित किया जाएगा।
इंडिया गठबंधन के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई है। कार्यक्रम के दौरान हरीश रावत एक घंटे का मौन व्रत भी रखेंगे।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
