ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध 18वें दिन में प्रवेश, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव से वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका
नई दिल्ली/तेहरान/तेल अवीव:
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी सैन्य संघर्ष मंगलवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया है। तीनों पक्षों के बीच हमले लगातार जारी हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ती जा रही है।
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ हमले जारी हैं, वहीं ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों पर रोक बनाए रखी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है।
ईरान ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि युद्ध की शुरुआत अमेरिका ने की है और इसका अंत वह स्वयं करेगा। ऐसे में फिलहाल संघर्ष के थमने के संकेत बेहद कम दिखाई दे रहे हैं।
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने सुरक्षा कारणों से मंगलवार सुबह अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिसे बाद में फिर खोल दिया गया। बताया गया कि यह कदम ईरान की ओर से संभावित हमलों के मद्देनजर उठाया गया था।
इजराइली सेना के अनुसार, ईरान ने एक बार फिर मिसाइलों की नई खेप दागी, जिससे गैलिली सागर के दक्षिणी हिस्से में सायरन बज उठे। हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि उन्होंने करीब सात देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए अपने युद्धपोत भेजने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि जलमार्ग बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
वहीं, इजराइल ने लेबनान में ईरान समर्थित लड़ाकों के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। इस संघर्ष के चलते लेबनान में 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 20 प्रतिशत है। संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षकों के अनुसार, इजराइल ने सीमा पर बड़ी संख्या में जमीनी सेना तैनात कर दी है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत इराक और संयुक्त अरब अमीरात के तेल क्षेत्रों को भी निशाना बनाया है। यूएई में एक ड्रोन हमले के कारण दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस युद्ध में ईरान में कम से कम 1300, लेबनान में 880 और इजराइल में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अमेरिकी सेना के 13 सैनिकों की मौत और करीब 200 के घायल होने की पुष्टि हुई है।
इस बीच वैश्विक बाजारों पर भी युद्ध का असर दिखाई दे रहा है। सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेज उछाल दर्ज किया गया, जो युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे अच्छा दिन माना जा रहा है। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
