प्रदेश में जल्द ही कुम्भ मेले को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियों की रफ़्तार बड़ा दी है, कोरोना महामारी जैसी बीमारी के बीच 2021 में होने वाले हरिद्वार कुंभ में कोरोना से बचाव के मद्देनजर सुरक्षा उपायों पर खास नज़र बनाये रखी  है।  इसी कड़ी में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में उपचारिकाओं (नर्सों) की शीघ्र आवश्यकता के दृष्टिगत उनकी नियुक्ति की कार्यवाही प्राविधिक शिक्षा विभाग के माध्यम से किये जाने के निर्देश दिये हैं।मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड में उपचारिकाओं (नर्सों) की भर्ती सम्बन्धी प्राविधानों में यथा आवश्यक समयबद्ध रूप से एक बार के लिये संशोधन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं, ताकि नर्सों की शीघ्र आवश्यकता के अनुरूप तत्काल प्राविधिक शिक्षा विभाग के स्तर पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की जा सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा कुम्भ मेला 2021 हरिद्वार की व्यवस्थाओं की निरन्तर समीक्षा की जा रही है। उत्तराखंड में जल्द ही 3250 होमगार्ड और नर्सों की भर्ती होने जा रही है। कुंभ मेले को देखते हुए सरकार इन भर्तियों को मंजूरी दे दी है। होमगार्ड और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए नर्सों की भर्ती प्राविधिक शिक्षा विभाग के जरिए की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गृह और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है।

इस कड़ी में 3250 होमगार्ड की भर्ती का प्रस्ताव होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा शासन को भेजा गया था। जिसपर मुख्यमंत्री ने पुलिस और अन्य आनुषांगिक इकाइयों के साथ होमगार्ड की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। अब जल्द 3250 होमगार्ड की नियुक्ति की जा सकेगी।र्सों की शीध्र भर्ती के भी निर्देश मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्राविधिक शिक्षा विभाग को दिए है।

गौरतलब है कि अभी विभाग में 6500 से अधिक होमगार्ड हैं, जो विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले राज्य में होमगार्ड की संख्या 10 हजार तक करने की अनुमति दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश के सभी विभागों में पदोन्नति से सम्बन्धित चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा आयोग के स्तर पर आयोजित होने वाली विभागीय चयन समिति की बैठकें निर्धारित समय पर हो विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने आयोग के स्तर पर एक बार चयन सम्बन्धी तिथि निर्धारण के बाद उसमें तिथि परिवर्तन का अनुरोध करने की परंपरा को रोकने के भी निर्देश दिये हैं।
इस सम्बन्ध में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया था कि लोक सेवा आयोग के स्तर पर सम्पादित किये जाने वाले पदोन्नति से सम्बन्धित चयनों हेतु विभागीय चयन समिति की तिथि निर्धारित होने के पश्चात अंतिम समय में सम्बन्धित विभागों द्वारा नामित अधिकारी के अन्यत्र व्यस्त होने के कारण कोई अन्य तिथि निर्धारित किये जाने का अनुरोध किया जाता है, जिस कारण अनावश्यक रूप से पदोन्नति से सम्बन्धित चयनों में विलम्ब होता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव द्वारा शासनादेश जारी किया गया है जिसमें भी स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग में विभागीय चयन समिति की तिथि निर्धारित होने के पश्चात सम्बन्धित विभाग के स्तर पर किसी भी दशा में तिथि परिवर्तन का अनुरोध न किया जाय, बल्कि चयन समिति की बैठक में प्रतिभाग किये जाने हेतु अन्य अधिकारियों को नामित किया जाय, जिससे विभागों में लंबित पदोन्नति आदि की कार्यवाही समय सम्पन्न की जा सके।

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