उत्तराखंड में कांवड़ पर जारी नया फरमान, हरिद्वार के ढाबे और फलवालों को लगानी होगी नेमप्‍लेट

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यूपी की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क किनारे लगने वाली अस्थाई दुकानों के मालिकों को अपने नाम की असली नेमप्‍लेट लगानी होगी, इतना ही नहीं स्‍टाफ का नाम भी लिखना होगा। बीते दिनों यूपी में कांवड़ यात्रा को लेकर ऐसा ही फरमान जारी किया गया था। इस फैसले के बाद सियासत भी गरमाने लगी है।

उत्तराखंड में हरिद्वार में कांवड़ मेला होता है। इस दौरान यहां पर करोड़ों की संख्या में कावड़ लेने कावड़िए आते हैं। इस फैसले के लिए तर्क दिया जा रहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क किनारे लगने वाले अस्थाई ढाबों और होटलों के मालिक गैर हिन्दू होते हैं। इतना ही नहीं इन होटलों पर खाना परोसने वाले भी गैर हिन्दू होते हैं। इसके चलते कई बार कांवड़ यात्रा के दौरान विवाद की स्थिति आ जाती है। बीते दिनों यूपी में कांवड़ मार्ग पर अस्थाई दुकानों के बाहर प्रोपराइटर का नाम लिखने का आदेश जारी किया गया था। ऐसे में अब उत्तराखंड भी इन अस्थाई दुकानों, होटलों और ढाबों के मालिकों और काम करने वालों का सत्यापन करना जरूरी कर दिया गया है।

चित्र साभार – सोशल मीडिया

हरिद्वार के डीएम धीरज गरबियाल एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए बताते हैं कि “हमने नगर निगम को आदेश दिया है कि जो भी लाइसेंस उनके द्वारा जारी किए जाते हैं। उन लाइसेंस को अस्थाई रूप से ठेला रेडी तथा ढाबा लगाने वाले लोगों को लगाना होगा। क्योंकि हर साल बहुत से अन्य राज्यों से लोग भी यहां पर आते हैं। जिससे यात्रा के दौरान कई प्रकार की घटनाएं देखने को मिली है। इससे बचने के लिए इस प्रकार का फैसला किया गया है”हरिद्वार एसएसपी ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी कर दिया गया है। कावड़ यात्रा को लेकर ठेला रेडी और ढाबे वालों को अपना प्रोपराइटर लिखने अपना लाइसेंस तथा अपना आधार कार्ड पास रखने के लिए कहा गया है। 

 


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