हवालात में पीआरडी जवान की मौत, पोस्टमार्टम में ‘पार्शियल हैंगिंग’ की पुष्टि, एसआई निलंबित
देहरादून, 1 अप्रैल। रायपुर थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत के दौरान पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत के मामले में पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मौत की वजह ‘पार्शियल हैंगिंग’ (आंशिक फांसी) पाई गई है, जिसमें गर्दन की हड्डी टूटने से मृत्यु हुई।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर एक पेट्रोल पंप पर हंगामे के बाद पुलिस ने सुनील रतूड़ी को हिरासत में लिया था। रात के समय उनकी हवालात में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि सुनील ने हवालात में चादर का एक हिस्सा फाड़कर गेट से लटककर फांसी लगा ली।
रविवार को हुए पोस्टमार्टम में फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इसे ‘पार्शियल हैंगिंग’ बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति में व्यक्ति का पूरा शरीर हवा में नहीं लटकता, बल्कि घुटनों या पैरों के सहारे आंशिक रूप से जमीन से संपर्क बना रहता है। इसी दौरान मृतक का पूरा भार फंदे पर पड़ने से गर्दन की हड्डी टूट गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगना ही सामने आया है। आगे की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
इस घटना के बाद पुलिस हिरासत में मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने ड्यूटी के दौरान पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार न करने के आरोप में उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक के पास से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई थी, जिसका उपयोग वह रौब जमाने के लिए करता था। पेट्रोल पंप कर्मियों की सूचना पर ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लिया गया था।
इसके अलावा, पुलिस ने यह भी बताया कि करीब एक महीने पहले लच्छीवाला टोल प्लाजा पर पैसे के लेनदेन को लेकर मृतक का विवाद हुआ था, जिसके बाद डोईवाला थाने की पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की बात कही जा रही है।
