गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण पर विवाद गहराया, देवदार संरक्षण को लेकर ग्रामीण व पर्यावरणविद आमने-सामने

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गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण पर विवाद गहराया, देवदार संरक्षण को लेकर ग्रामीण व पर्यावरणविद आमने-सामने

उत्तरकाशी। हिमालय हैं तो हम हैं अध्ययन यात्रा और देवदार पूजन अभियान के तहत पर्यावरणविदों की एक टीम ने गंगोत्री धाम के पास भैरों घाटी पहुंचकर देवदार के पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संदेश दिया। पर्यावरणविदों का कहना है कि देवदार जैसे वृक्ष हिमालय की धरोहर हैं और इनके नष्ट होने से पूरे पर्वतीय पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।

अभियान के दौरान पर्यावरणविदों ने लंका और भैरों घाटी क्षेत्र में पेड़ों की पूजा की और कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति का दोहन बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आपदाओं का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी जंगलों और पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान सुरेश भाई, आयुष जोशी, गोपाल आर्या, पूरण रावत, हेमंत ध्यानी, कल्पना ठाकुर सहित कई पर्यावरण कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, किया प्रदर्शन

वहीं दूसरी ओर, गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के चलते सैकड़ों पेड़ों के प्रभावित होने की आशंका को लेकर स्थानीय ग्रामीण और पर्यावरणविदों के बीच विवाद बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पर्यावरण के नाम पर विकास कार्यों में अनावश्यक बाधा डाली जा रही है।

सोमवार को बड़ी संख्या में धराली के ग्रामीण कलेक्ट्रेट से भटवाड़ी रोड तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन पर उतरे। उन्होंने पर्यावरणविदों पर आरोप लगाया कि वे व्यक्तिगत हितों के चलते गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इसे लेकर गलत तथ्यों का प्रचार किया जा रहा है कि करीब सात हजार देवदार पेड़ कटान की जद में हैं, जबकि वन विभाग और बीआरओ के सर्वे में मात्र 3500 पेड़ों के प्रभावित होने का आकलन किया गया है, जिनमें से अधिकतर सेब, अखरोट और चीड़ प्रजाति के हैं।

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है सड़क

ग्रामीणों का कहना है कि बीआरओ ने हाईवे की चौड़ाई 12 मीटर से घटाकर 11 मीटर कर दी है, फिर भी विरोध जारी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जहां चीन सीमा तक रेलवे लाइन बढ़ा रहा है, वहीं भारत सीमा तक बेहतर सड़क बनाने में भी पिछड़ रहा है। इसलिए इस परियोजना में किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रदर्शन में क्षेत्र पंचायत सदस्य ममता पंवार, सुशील पंवार, संजय पंवार, जय भगवान सिंह पंवार, खुशहाल सिंह, साश्वत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण और देवदार संरक्षण के इस मुद्दे ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन, विशेषज्ञों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है।


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