उत्तराखंड कांग्रेस पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी की बैठक, अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग

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‘अंकिता हत्याकांड ने देश को झकझोरा’— कुमारी शैलजा ने उठाए सरकार से तीखे सवाल

उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में उत्तराखंड कांग्रेस पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी की आवश्यक बैठक ली। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी के गठन, राज्य के ज्वलंत मुद्दों को मजबूती से उठाने और आगामी संगठनात्मक रणनीति को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।

बैठक के बाद कुमारी शैलजा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए और इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग दोहराई।

कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ उत्तराखंड की नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कुछ घटनाएं एक नाम के साथ प्रतीक बन जाती हैं, उसी तरह अंकिता का नाम भी एक सिंबल बन गया है, जिसने देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को शर्मसार किया है। इस हृदय विदारक घटना से प्रदेशवासियों की भावनाएं आहत और उत्तेजित हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस एक जिम्मेदार राजनीतिक दल और विपक्ष होने के नाते ऐसे मामलों को लगातार उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा कांग्रेस पार्टी लगातार उठाती रहेगी, जब तक पीड़िता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता।

कांग्रेस प्रभारी ने मामले से जुड़े कई अनसुलझे सवाल भी गिनाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई से होनी चाहिए। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस मामले में कौन-कौन वीआईपी शामिल थे, जांच की गहराई तक क्यों नहीं जाया गया, क्षेत्रीय विधायक की क्या भूमिका रही और रिजॉर्ट के एक बड़े हिस्से को बुलडोजर से क्यों गिराया गया, जिससे अहम सबूत नष्ट होने की आशंका बनी।

कुमारी शैलजा ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के समय मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया। उन्होंने कहा कि इतने समय बाद अब यह चर्चा सामने आ रही है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है, जबकि कांग्रेस शुरू से ही इसकी मांग करती रही है।

उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस सिर्फ सीबीआई जांच की नहीं, बल्कि न्यायिक निगरानी में जांच की मांग कर रही है, क्योंकि अब स्वतंत्र सीबीआई जांच पर भरोसा नहीं रहा है। कांग्रेस का कहना है कि न्यायिक देखरेख में ही इस मामले की सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों को सख्त सजा मिल सकती है।


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