यमुनोत्री धाम का स्पष्ट रुख: “सभी श्रद्धालुओं का स्वागत”, गैर-हिन्दुओं पर रोक से किया इंकार
देहरादून/उत्तरकाशी: चारधाम से जुड़ी हालिया चर्चाओं के बीच Yamunotri Temple से एक महत्वपूर्ण संदेश सामने आया है। जहां एक ओर Badrinath Temple, Kedarnath Temple और Gangotri Temple को लेकर गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक और विशेष शर्तों की चर्चा चल रही है, वहीं यमुनोत्री मंदिर समिति ने इससे अलग रुख अपनाया है।
यमुनोत्री मंदिर समिति का साफ बयान
मंगलवार को यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि:
- धाम में आने वाले किसी भी श्रद्धालु से धर्म या जाति नहीं पूछी जाएगी
- “अतिथि देवो भव” और “वसुधैव कुटुंबकम” की परंपरा के तहत सभी का स्वागत किया जाएगा
समिति के प्रवक्ता Purushottam Uniyal ने कहा:
👉 “चारधाम यात्रा में जो भी आता है, वह श्रद्धा से आता है। ऐसे में सभी का सम्मान होना चाहिए।”
वहीं कोषाध्यक्ष Pradeep Uniyal ने कहा:
👉 “यमुनोत्री धाम में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया जाएगा, यही हमारी परंपरा है।”
अन्य धामों में क्या हुआ?
- बद्रीनाथ-केदारनाथ में गैर-हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक की चर्चा
- गंगोत्री में पंचगव्य सेवन के बाद प्रवेश का निर्णय
इन फैसलों के बाद यह सवाल उठ रहा था कि क्या यमुनोत्री भी इसी राह पर चलेगा, लेकिन समिति ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
सरकार बनाम मंदिर समिति
समिति का कहना है कि:
- यात्रा के लिए पंजीकरण और नियम तय करना सरकार का कार्य है
- मंदिर स्तर पर सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवहार रखा जाएगा
क्या है संदेश?
👉 यमुनोत्री धाम ने स्पष्ट कर दिया है कि वह
समावेशी और पारंपरिक भारतीय मूल्यों पर कायम रहेगा
