मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की दी शुभकामनाएँ, विकास यात्रा को बताया प्रेरक गाथा

Our News, Your Views

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की दी शुभकामनाएँ, विकास यात्रा को बताया प्रेरक गाथा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अब तक की विकास यात्रा उपलब्धियों से परिपूर्ण रही है। राज्य की यह यात्रा संघर्ष, समर्पण और निरंतर प्रगति की एक प्रेरक गाथा प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के मूल में उत्तराखण्ड के समग्र और संतुलित विकास की अवधारणा रही है, जिसे साकार करने के लिए पारदर्शिता, जन-सहभागिता और नई कार्यसंस्कृति के साथ विकास की नई दिशा तय की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पर्यटन, खेती, बागवानी और पशुपालन जैसे संभावनाशील क्षेत्रों में किए गए अभिनव और दूरगामी प्रयासों से उत्तराखण्ड को देशभर में एक अलग पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य की नीतियों और कार्यक्रमों का अनुसरण आज देश के अन्य राज्य भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए सरकार ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, इसके लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और त्वरित निर्णय सरकार की कार्यशैली की आधारशिला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, नकल-रोधी कानून और धर्मांतरण के विरुद्ध कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से राज्य में न्याय, अनुशासन, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता को मजबूती मिली है। बीते चार वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं, महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया गया है, किसानों की आय बढ़ाने और गरीब एवं वंचित वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन-अपेक्षाओं के अनुरूप सुनियोजित और त्वरित विकास की दिशा तय करने में सफल रही है। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचारों को नीति आयोग द्वारा सराहा गया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड को सतत विकास सूचकांक में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। निवेश और उद्योग के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय प्रगति की है। देश-विदेश के निवेशकों द्वारा प्रदेश में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं, जिनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग हो चुकी है। साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और “वोकल फॉर लोकल” के तहत ठोस पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने इस विकास यात्रा में न केवल भौतिक प्रगति की है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहचान को भी सुदृढ़ किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड विकास के पथ पर और तेजी से अग्रसर होगा तथा राज्य के विकास में सभी प्रदेशवासियों की सक्रिय सहभागिता बनी रहेगी।


Our News, Your Views