चारधाम यात्रा को आपदा सुरक्षित बनाने के लिए राज्यभर में मेगा मॉक ड्रिल

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चारधाम यात्रा को आपदा सुरक्षित बनाने के लिए राज्यभर में मेगा मॉक ड्रिल

देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को आपदा के दृष्टिकोण से सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के संयुक्त तत्वावधान में गढ़वाल मंडल के सातों जनपदों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास 50 विभिन्न स्थलों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF, सेना, वायुसेना, अर्द्धसैनिक बल, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों ने सक्रिय भागीदारी की।

इस मॉक ड्रिल का मुख्य फोकस सामुदायिक सहभागिता और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय को मजबूत करना रहा। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिलों के अधिकारियों और मैदानी टीमों से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद राज्य ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

मंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था नहीं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही, मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और संवेदनशील क्षेत्रों में अग्रिम तैनाती के निर्देश दिए।

राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया।

हेली सेवाओं और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण

NDMA की विशेषज्ञ टीम ने मेजर जनरल सुधीर बहल के नेतृत्व में देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड, सपेरा बस्ती और कोरोनेशन अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान हेलीकॉप्टर संचालन, आपातकालीन निकासी, बाढ़ राहत और अस्पताल की आपदा तैयारियों का मूल्यांकन किया गया।

विभिन्न जनपदों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास

  • रुद्रप्रयाग में केदारनाथ हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग
  • चमोली में बदरीनाथ मार्ग पर हिमस्खलन की स्थिति
  • उत्तरकाशी में गंगोत्री क्षेत्र में ग्लेशियल झील फटने से बाढ़
  • देहरादून में ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में आग और भगदड़
  • पौड़ी में श्रीनगर धर्मशाला में भूकंप के बाद राहत कार्य
  • टिहरी में बांध से जल छोड़े जाने पर निचले क्षेत्रों में अलर्ट

इन सभी परिदृश्यों में संबंधित विभागों ने त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और राहत-बचाव कार्यों का अभ्यास किया।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस तरह के अभ्यास से जमीनी स्तर पर तैयारियों का आकलन होता है और सामने आई कमियों को यात्रा शुरू होने से पहले दूर किया जाएगा।


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