विजिलेंस का बड़ा एक्शन: सितारगंज तहसील में संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक रिश्वत लेते गिरफ्तार
सितारगंज/हल्द्वानी। उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की हल्द्वानी सेक्टर टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील सितारगंज में तैनात दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक संग्रह अमीन और एक वरिष्ठ सहायक शामिल हैं। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी भूमि के कुर्की आदेश को समाप्त करने, भूमि को बंधनमुक्त कराने तथा उसकी पत्नी के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण से संबंधित रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) की कार्रवाई समाप्त करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तहसील सितारगंज में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा द्वारा 10 हजार रुपये तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा द्वारा 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान (सेक्टर हल्द्वानी) के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से की गई कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने तहसील सितारगंज स्थित कार्यालय में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को 8 हजार रुपये तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस टीम ने दोनों आरोपियों को मौके से हिरासत में लेकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मदन लाल शर्मा, पुत्र किशोरी लाल शर्मा, निवासी बोरिंगवाली गली, सितारगंज तथा भूपेन्द्र सिंह राणा, पुत्र प्रताप सिंह राणा, निवासी आमखेड़ा पट्टी बलखेड़ा, नानकमत्ता, जनपद ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई है।
विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने आमजन से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान को प्रभावी बनाने में जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
सतर्कता अधिष्ठान की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
