मंगलौर में भाकियू टिकैत की बैठक, किसानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का किया ऐलान
रुड़की। हरिद्वार जिले के मंगलौर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी जताते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। भाकियू टिकैत ने 21 अगस्त को प्रदेशभर में ट्रैक्टर तिरंगा रैली निकालने के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मंगलौर कस्बे की गुड़ मंडी में आयोजित बैठक में किसानों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने, सोलर सब्सिडी समाप्त किए जाने, खाद की समस्या, बढ़ती महंगाई और खेती की बढ़ती लागत समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। किसान नेताओं का आरोप है कि इन समस्याओं के कारण प्रदेश के किसान आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
बैठक में भाकियू नेताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया। किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश कहा जाता है, इसके बावजूद किसानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है और खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को किसानों की समस्याओं पर तत्काल गंभीरता से विचार करना चाहिए।
भाकियू टिकैत ने घोषणा की है कि 21 अगस्त को प्रदेशभर में ट्रैक्टर तिरंगा रैली निकाली जाएगी। इसके बाद किसान अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। किसान नेताओं ने सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल विचार करने और समस्याओं के समाधान की मांग की है।
बैठक में किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
