टिहरी झील की गोद में रोमांच और विकास का संगम

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एक्रो फेस्टिवल बना उत्तराखंड की वैश्विक पहचान, सीएम धामी ने ₹27 करोड़ से अधिक की योजनाओं का किया लोकार्पण–शिलान्यास

टिहरी, उत्तराखंड:
नीले आकाश, ऊँचे पहाड़ और दूधिया बादलों के बीच फैली टिहरी झील इन दिनों केवल प्राकृतिक सौंदर्य की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रोमांच और विकास की भी प्रतीक बन गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी में आयोजित एक्रो फेस्टिवल एवं नेशनल SIV चैंपियनशिप के समापन समारोह में देश-विदेश से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए जिले के सर्वांगीण विकास के लिए ₹27 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये योजनाएँ टिहरी जनपद के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि टिहरी आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन और एडवेंचर हब के रूप में उभरेगा।

11 देशों के पायलट, 57 खिलाड़ी — टिहरी बनी ग्लोबल एडवेंचर डेस्टिनेशन

इस एक्रो फेस्टिवल में 11 देशों के 25 अंतरराष्ट्रीय पायलटों और भारत के विभिन्न राज्यों से आए 57 खिलाड़ियों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड अब साहसिक खेलों के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

टिहरी झील के ऊपर रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर जब आसमान में गोते लगाते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति स्वयं इस आयोजन का स्वागत कर रही हो। झील की चमकती सतह, हरियाली से ढकी पहाड़ियाँ और शांत वातावरण—ये दृश्य यूरोप और स्विट्ज़रलैंड जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी मात देते हुए नजर आते हैं।

टिहरी झील: विदेशी डेस्टिनेशन को भी देती है टक्कर

टिहरी झील केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि उत्तराखंड का गौरव बन चुकी है। इसकी खूबसूरती, शांति और रोमांचक गतिविधियाँ इसे एक इंटरनेशनल टूरिस्ट स्पॉट की श्रेणी में खड़ा करती हैं।

यहाँ का सूर्योदय, झील पर पड़ती सुनहरी रोशनी, और शाम को आसमान में उड़ते पैराग्लाइडर—ये नज़ारे किसी विदेशी पोस्टकार्ड से कम नहीं लगते। यही कारण है कि अब टिहरी झील को “भारत का स्विट्ज़रलैंड” भी कहा जाने लगा है।

विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेज़ी से काम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

“उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन अब संभव हो पा रहा है। इसके साथ-साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है,” — सीएम धामी

सरकार का लक्ष्य है कि टिहरी, ऋषिकेश, औली और मसूरी जैसे क्षेत्रों को एक मजबूत एडवेंचर टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

एक्रो फेस्टिवल से क्या बदला?

टिहरी की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत
पर्यटन को मिला नया आयाम
स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर
एडवेंचर स्पोर्ट्स में उत्तराखंड का दबदबा
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिली गति

टिहरी झील आज केवल एक प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि उत्तराखंड के सपनों और संभावनाओं का आईना बन चुकी है। जहाँ एक ओर पहाड़ों की गोद में विकास की रफ्तार तेज़ है, वहीं दूसरी ओर आसमान में उड़ते पैराग्लाइडर यह संदेश दे रहे हैं कि उत्तराखंड अब सीमाओं से परे उड़ान भरने को तैयार है।


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