सरकारी परिसंपत्तियों से अतिक्रमण हटाने को प्रशासन सख्त, 12 विभागों को कारण बताओ नोटिस
देहरादून। सरकारी परिसंपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उनकी सटीक सीमाएं तय करने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर हाईकोर्ट और शासन के आदेशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन करने के निर्देश दिए। वहीं, परिसंपत्तियों की मैपिंग का काम शुरू नहीं करने वाले 12 विभागों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग अपनी-अपनी सरकारी परिसंपत्तियों का सेटेलाइट पॉलीगॉन मैप के आधार पर सीमा निर्धारण कर उसे उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रणाली (यूके-जीएएमएस) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। पोर्टल पर प्रदर्शित अतिक्रमण को चिह्नित कर उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
12 विभागों को कारण बताओ नोटिस
समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई विभागों ने अभी तक परिसंपत्तियों की मैपिंग का काम शुरू नहीं किया है। इस पर जिलाधिकारी ने विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग, यूकॉस्ट समेत 12 विभागों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिन विभागों की 100 से अधिक परिसंपत्तियों की पॉलीगॉन मैपिंग अभी शेष है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को मैपिंग का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
16 विभागों ने पूरा किया मैपिंग का काम
बैठक में बताया गया कि जिले के 16 विभाग परिसंपत्तियों की मैपिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर चुके हैं, जबकि 41 विभागों में मैपिंग का काम प्रगति पर है। शेष विभागों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई देती है तो संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल पर दर्ज अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी परिसंपत्तियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सेटेलाइट पॉलीगॉन मैपिंग बेहद महत्वपूर्ण है। सभी विभागों को अपनी परिसंपत्तियों की सीमा निर्धारित कर यूके-जीएएमएस पोर्टल पर विवरण अपलोड करना होगा। इसके बाद पोर्टल पर प्रदर्शित अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं। अब जिला प्रशासन ने सरकारी परिसंपत्तियों की डिजिटल मैपिंग और अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई को लेकर विभागों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
