चारधाम यात्रा 2025: उत्तराखंड सरकार ने नियुक्त किए चार IAS अधिकारी, सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए विशेष निरीक्षण

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देहरादून/ उत्तराखंड में इस वर्ष की चारधाम यात्रा की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सहज बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने चार वरिष्ठ IAS अधिकारियों को चार प्रमुख धामों की जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देशों के तहत यह कदम उठाया गया है, ताकि यात्रा मार्गों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त किया जा सके।

इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी:

  • गंगोत्री धाम – सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम

  • यमुनोत्री धाम – सचिव नीरज खैरवाल

  • बद्रीनाथ धाम – सचिव आर. राजेश कुमार

  • केदारनाथ धाम – सचिव युगल किशोर पंत

ये अधिकारी संबंधित धामों और यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और सड़क की स्थिति, पार्किंग की सुविधा, चिकित्सा सेवाएं, आपदा प्रबंधन और तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक अन्य व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करेंगे।

11 अप्रैल को पेश होगी विस्तृत रिपोर्ट

इन अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षणों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे 11 अप्रैल को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर अंतिम व्यवस्थागत निर्णय लिए जाएंगे ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

सरकार की प्राथमिकता: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में भाग लेते हैं, जो राज्य के धार्मिक और पर्यटन महत्व का प्रतीक है। इस वर्ष सरकार ने यात्रा की तैयारियों को लेकर विशेष प्राथमिकताएँ तय की हैं:

  • यात्रा मार्गों की मरम्मत और उन्नयन

  • तीर्थयात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता

  • आपदा प्रबंधन की तैयारी और बेहतर चिकित्सा सेवाएं

राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, और यात्रा एक सुरक्षित, सहज और सुखद अनुभव बन सके।


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