मुख्यमंत्री धामी ने स्वच्छता अभियान में लिया हिस्सा, बोले- धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
नानकमत्ता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नानकमत्ता पहुंचे। यहां उन्होंने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए परिसर में साफ-सफाई की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान या कार्यक्रम तक सीमित रहने वाला विषय नहीं है, बल्कि इसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाना चाहिए। जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छ और स्वस्थ प्रदेश का निर्माण संभव होगा।
धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सभी की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि धार्मिक स्थल हमारी आस्था और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। इन स्थानों की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से देश-दुनिया में विशेष पहचान रखता है। प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं।
ऐसे में धार्मिक स्थलों के साथ-साथ पर्यटन स्थलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं स्वच्छता का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी की भावना को नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से उत्तराखंड में शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा, संवाद, जनभागीदारी और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी अभियान की कड़ी में नानकमत्ता स्थित गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने स्वयं भाग लेकर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का काम करते हैं।
‘स्वच्छता’ को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वच्छता के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग और नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने का संकल्प ले तो स्वच्छता एक अभियान न रहकर जनआंदोलन का रूप ले सकती है।
उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने, कूड़े का उचित निस्तारण करने और स्वच्छता के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने किया मुख्यमंत्री का सम्मान
स्वच्छता कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेका। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा परिसर की व्यवस्थाओं और स्वच्छता व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और साफ-सफाई व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
