जमीन फर्जीवाड़ा मामला: गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के भाई समेत चार पर एफआईआर, नार्को व पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग

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जमीन फर्जीवाड़ा मामला: गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के भाई समेत चार पर एफआईआर, नार्को व पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग

देहरादून/बाजपुर
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। बाजपुर पुलिस ने गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के भाई देवानंद पांडे समेत चार लोगों के खिलाफ फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

पीड़ित संजय बंसल (निवासी – बहादुरगंज) ने कोतवाली बाजपुर में दी गई तहरीर में बताया कि उनकी ग्राम मुंडिया पिस्तौर में जमीन है, जिसे उन्होंने आपसी सहमति से मझरा बक्श निवासी एक व्यक्ति को देखरेख और खेती के लिए दिया था। आरोप है कि 21 अगस्त 2025 को प्राधिकरण द्वारा मौके पर बुलाकर बताया गया कि भूमि पर अवैध निर्माण हुआ है और उसे ध्वस्त करने का नोटिस दिया गया।

शिकायत के अनुसार मौके पर विधायक के भाई देवानंद पांडे अपने साथियों के साथ पहुंचे और कथित तौर पर धमकी दी कि “जमीन पर दोबारा मत आना”, और उनके कागजात फेंक दिए। आरोप है कि फर्जी किरायानामा बनाकर जमीन हड़पने की कोशिश की गई।

किन लोगों पर मुकदमा दर्ज?

पुलिस ने संजय बंसल की तहरीर पर निम्न के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है:

  • देवानंद पांडे (विधायक अरविंद पांडे के भाई)

  • जय प्रकाश तिवारी

  • मोहन पांडे

  • किशन पांडे
    (सभी निवासी – मोहल्ला मझरा बक्श, बाजपुर)

मामले की विवेचना एसआई कैलाश चंद नगरकोटी को सौंपी गई है।

डीजीपी से मिले विधायक, नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग

विवाद के बाद विधायक अरविंद पांडे ने पुलिस मुख्यालय देहरादून में डीजीपी दीपम सेठ से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाए ताकि सच सबके सामने आ सके।

अरविंद पांडे ने स्पष्ट कहा—

“अगर मेरे परिवार का कोई सदस्य इस मामले में दोषी पाया जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो और मैं खुद राजनीति छोड़ दूंगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह मुकदमा उन्हें ‘भूमाफिया’ साबित करने की एक सोची-समझी साजिश है, और वे जांच से भागने वाले नहीं हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

पूर्व में शिक्षा और खेल मंत्री रह चुके अरविंद पांडे वर्तमान धामी सरकार के कार्यकाल में कई बार शासन-प्रशासन पर सवाल उठाते रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस विवाद को भाजपा की आंतरिक खींचतान से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने अरविंद पांडे के समर्थन में खड़े होने का संकेत भी दिया था।


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