अखिलेश यादव के बयान पर देहरादून में विरोध, भाजपा और सुराज सेवा दल ने किया प्रदर्शन
देहरादून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी के विरोध में रविवार को देहरादून में दो स्थानों पर प्रदर्शन किए गए। भाजपा और सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने बयान पर नाराजगी जताते हुए माफी की मांग की और पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में कुठालगेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की गई और उनका पुतला दहन किया गया। गणेश जोशी ने टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड से संबंध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सम्मान से जुड़े विषयों पर इस तरह की बयानबाजी स्वीकार्य नहीं है।
प्रदर्शन में ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, संध्या थापा, मोहित खरोला और अंशुल चावला समेत अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं, सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में शाम करीब 5:45 बजे देहरादून के घंटाघर पर प्रदर्शन किया। यहां भी अखिलेश यादव का पुतला दहन कर उनके कथित बयान के प्रति विरोध जताया गया।
रमेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरों, सैनिकों और राज्य आंदोलनकारियों की भूमि है। प्रदर्शनकारियों ने योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड से संबंधों का उल्लेख करते हुए टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के पारिवारिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए और बयान पर माफी की मांग की।
घंटाघर पर हुए प्रदर्शन में नितिन कटारिया, इंतजार प्रधान, नौशाद प्रधान, अलीम प्रधान, खलील प्रधान, राजेश थापा, वीरेंद्र पाल, डिंपी, विजेंद्र, सुनीता, सनी, संगीता, पूजा नेगी, नसरीन और लालमणि सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।
दोनों प्रदर्शनों में उत्तराखंड की पहचान और सम्मान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। भाजपा और सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव से अपनी टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग की।
