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उत्तराखंड में दायित्व वितरण तेज: दूसरी सूची जारी, 21 से ज्यादा नेताओं को मिली जिम्मेदारी

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उत्तराखंड में दायित्व वितरण तेज: दूसरी सूची जारी, 21 से ज्यादा नेताओं को मिली जिम्मेदारी

देहरादून।
उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद अब दायित्व वितरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार ने एक बार फिर विभिन्न आयोगों, बोर्डों और परिषदों में राजनीतिक नियुक्तियां करते हुए दूसरी सूची जारी की है। ताजा फैसलों में कुल मिलाकर 20 से अधिक नेताओं को उपाध्यक्ष और सदस्य के रूप में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

दो चरणों में जारी हुई सूची

हाल के आदेशों के अनुसार:

  • पहले चरण में 14 नेताओं को दायित्व दिए गए
  • दूसरे चरण में 7 और नाम जोड़े गए

इस तरह कुल संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और आने वाले समय में इसमें और विस्तार की संभावना जताई जा रही है।

किन्हें मिली जिम्मेदारी?

दूसरी सूची में जिन प्रमुख नामों को सदस्य के रूप में जिम्मेदारी दी गई है, उनमें शामिल हैं:

  • राव खाले खां – सदस्य, किसान आयोग
  • योगेश रजवार – सदस्य, बाल संरक्षण आयोग
  • दीप प्रकाश नेवलिया – सदस्य, समाज कल्याण अनुश्रवण समिति
  • मनोज गौतम – सदस्य, अनुसूचित जाति आयोग
  • प्रेमलता – सदस्य, महिला आयोग
  • रुचि गिरी – सदस्य, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग
  • राजपाल कश्यप – सदस्य, ओबीसी कल्याण परिषद

वहीं, इससे पहले जारी सूची में:

  • बलजीत सोनी – उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग
  • कुलदीप सुटोला – अध्यक्ष, राज्य स्तरीय खेल परिषद
  • ध्रुव रौतेला – उपाध्यक्ष, मीडिया सलाहकार समिति
  • हरिप्रिया जोशी – सदस्य, राज्य महिला आयोग
  • विनोद सुयाल – उपाध्यक्ष, युवा कल्याण सलाहकार परिषद
  • मुकेश महराना – उपाध्यक्ष, चाय विकास सलाहकार परिषद
  • चारु कोठारी – राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद
  • प्रेम सिंह राणा – जनजाति आयोग
  • खेम सिंह चौहान – ओबीसी कल्याण परिषद
  • सोना सजवाण – जड़ी-बूटी सलाहकार समिति
  • गोविंद पिलखवाल – हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद
  • सीमा चौहान – उपाध्यक्ष, मत्स्य विकास प्राधिकरण
  • भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं

क्या है इसके पीछे की रणनीति?

राजनीतिक जानकारों के अनुसार,
दायित्व वितरण सरकार के लिए एक अहम संतुलन साधने का जरिया होता है।

  • संगठन के सक्रिय कार्यकर्ताओं को भूमिका देना
  • क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधना
  • संभावित असंतोष को नियंत्रित करना

इन्हीं उद्देश्यों के साथ आयोग, बोर्ड और परिषदों में नियुक्तियां की जाती हैं।

कितनी बड़ी है यह कवायद?

अनुमान है कि मौजूदा कार्यकाल में अब तक करीब 80 के आसपास नेताओं को विभिन्न दायित्व दिए जा चुके हैं। हालांकि सरकार की ओर से कुल संख्या का आधिकारिक आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

उत्तराखंड में दायित्व वितरण की यह प्रक्रिया फिलहाल जारी है। आने वाले समय में सूची और लंबी हो सकती है, जिससे साफ है कि सरकार संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक संतुलन पर एक साथ काम कर रही है।


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