कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में भी अडिग आस्था: मकर संक्रांति स्नान पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
हरिद्वार।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच भी उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में मकर संक्रांति स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की आस्था पूरी तरह हावी दिखाई दी। ब्रह्ममुहूर्त से ही हरकी पैड़ी समेत तमाम गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। “हर-हर गंगे” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
माघ मास के मकर संक्रांति स्नान पर्व की शुरुआत इस वर्ष घने कोहरे और भयंकर ठंड के बीच हुई, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। ढोल और दमाऊं की थाप के बीच देव डोलियों को गंगा घाट तक लाया गया और विधि-विधान से स्नान कराया गया। तड़के से ही गंगा के सभी प्रमुख घाटों पर स्नान, दान और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा। घाटों पर गंगा आरती भी की गई, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व उत्तराखंड के लिए विशेष धार्मिक महत्व लेकर आया है, क्योंकि करीब 23 वर्षों बाद संक्रांति और षटतिला एकादशी का शुभ फलदायी संयोग एक ही दिन बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
नारायण ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य विकास जोशी के अनुसार बुधवार को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इसी के साथ सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होंगे। शास्त्रों में उत्तरायण काल को विशेष शुभ माना गया है।
उन्होंने बताया कि इस दिन सुबह 7 बजकर 31 मिनट से रात 3 बजकर 04 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी दिन को और अधिक शुभ बना रहे हैं। इस विशेष अवसर पर गंगा स्नान, सूर्य को अर्घ्य, तिल-गुड़ का दान, कंबल व वस्त्र दान तथा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी माना गया है।
उत्तराखंड की धार्मिक राजधानी हरिद्वार में स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र को 8 जोन और 22 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। पीएसी, डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता, जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें घाटों पर मुस्तैद हैं। सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी लगातार निगरानी की जा रही है।
एक दिन पहले जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने स्नान पर्व की ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को ब्रीफिंग कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी। भीषण कोहरे को देखते हुए हाईवे पर वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई है।
मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों से श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे हैं। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और सूर्य देव को जल अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था उत्तराखंड की धरती पर पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ उमड़ती नजर आ रही है।
