उत्तराखण्ड- स्कूलों में इन नियमों के तहत होगी पढ़ाई, जारी हुई गाइडलाइन, देखें आदेश…

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उत्तराखण्ड में 2 अगस्त 2021 से स्कूलों को पुन: खोलने के लिए शिक्षा विभाग ने एसओपी जारी कर दी है। शिक्षा सचिव राधिका झा ने इसके आदेश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डों के विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं दिनांक 2 अगस्त 2021 से तथा कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाएं दिनांक 16 अगस्त 2021 से भौतिक रूप से पठन-पाठन हेतु पुन: प्रारम्भ किए जाने की अनुमति निम्नलिखित प्रतिबन्धों के साथ प्रदान की जाती है।

विद्यालय खोले जाने से पूर्व समस्त कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल आदि ऐसे स्थलों जहां पर छात्र-छात्राओं का भौतिक रूप से आवागमन होता हो, उन्हें भली-भॉति सैनिटाइज किया जाए। विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैण्डवॉश, थर्मल स्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालय भौतिक रूप से आरम्भ करते समय विद्यालय प्रबंधन/प्रधानाचार्य तथा समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि जर्जर कक्षा कक्षों में शिक्षण कार्य किसी भी स्थिति में न कराया जाए।

प्रत्येक विद्यालय में कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत संबंधित विद्यालय द्वारा एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो सोशल डिस्टेंसिंग एवंं कोविड प्रोटोकॉल संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुपालन हेतु उत्तरदायी होगा। यदि विद्यालय के छात्रों, अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ के मध्य संक्रमण की स्थिति उतपन्न होती है तो ससमय जिला प्रशासन/स्वास्थ्य विभाग को सूचित किए जाने की जिम्मेदारी संबंधित प्राधााचार्य एवं नोडल अधिकारी की होगी। यदि किसी विद्यार्थी या शिक्षक या अन्य कार्मिक में खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण प्रतीत होते हैं तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाएगा।

प्रत्येक जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वे अपने जनपद के अंतर्गत ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, जिससे किसी शिक्षण संस्थान में कोविड संक्रमण पाए जाने पर तत्काल इसकी सूचना जिला प्रशासन/स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जा सके एवं सबंधित संस्थान में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करवाया जा सके।

ऐसी शिक्षण संस्थाएं जिनमें अधिक छात्र संख्या हो तथा भौतिक रूप से शिक्षण कार्य कोविड प्रोटोकॉल के तहत एक साथ किया जाना संभव ना हो, उनमें विद्यालय प्रबंधन को भी प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए भौतिक रूप से कक्षा शिक्षण दो पाली में संपादित कर सकते हैं, प्रथम पाली में सम अनुक्रमांक एवं द्वितीय पाली में विषम अनुक्रमांक वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय बुलाया जा सकता है। इसके लिए विद्यालय समय सारणी इस प्रकार से नियोजित की जाए की शिक्षक दोनों पारियों में छात्र-छात्राओं का कक्षा शिक्षण कर सकें।

छात्र छात्राओं के अभिभावकों की सहमति के साथ उन्हें विद्यालय में भौतिक रूप से उपस्थित होने की अनुमति प्रदान की जाए, इसके लिए छात्र-छात्राएं विद्यालय भौतिक रूप से खुलने अथवा विद्यालय में उपस्थित होने के 3 दिन के अंदर विद्यालय प्रबंधन को अभिभावकों के सहमति पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे। विद्यालय में उपस्थिति हेतु लचीला रूप अपनाया जाय तथा किसी भी विद्यार्थी को भौतिक रूप से स्कूल आने को बाध्य नहीं किया जाए।

यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि समस्त शिक्षक कर्मचारी एवं समस्त छात्र छात्राओं को विधिवत मास्क पहनने के उपरांत विद्यालय कक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाए, यदि कोई छात्र छात्राएं बिना मास्क के विद्यालय में उपस्थित होते हैं तो विद्यालय ऐसे छात्र छात्राओं के लिए मास्क की व्यवस्था करें।

विद्यालय में प्रवेश एवं छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हो सके इसके लिए अलग-अलग कक्षाओं के लिए समय अंतराल निर्धारित किया जाए तथा एक साथ सभी कक्षाओं को ना छोड़ा जाए। ऐसी शिक्षण संस्थाएं जिसमें छात्र-छात्राएं पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हुए विद्यालय में आते हैं उनके पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बच्चों को बिठाने तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट को समय-समय पर सैनिटाइज करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था यथावत जारी रहेगी, विद्यालय में प्रार्थना सभा बालसभा खेल संगीत सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य सामूहिक गतिविधियां जिनसे की कोविड-19 के संक्रमण का खतरा हो, को अग्रिम आदेशों तक स्थगित रखा जाए।

डेंगू एवं मलेरिया के अपेक्षित प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए छात्र छात्राओं को विद्यालय अवधि में फुल बाजू के पेंट शर्ट सलवार कमीज पहनकर विद्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया जाए।

मुख्य शिक्षा अधिकारी जनपद स्तर पर शिक्षण संस्थाओं में कोविड प्रोटोकोल का अनुपालन करवाते हुए भौतिक कक्षा शिक्षण सुनिश्चित करवाने हेतु व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे समस्त खंड शिक्षा अधिकारी उप शिक्षा अधिकारी यह व्यक्तिगत रूप से सुनिश्चित करेंगे कि विकासखंड के समस्त छात्र छात्राओं को ऑफलाइन ऑनलाइन शिक्षण अधिगम की सुविधा उपलब्ध हो सके इसके लिए वे प्रतिदिन शिक्षण संस्थाओं की मॉनिटरिंग करेंगे तथा रैंडम आधार पर ऑफलाइन ऑनलाइन रूप से अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं से बातचीत भी करेंगे खंड शिक्षा अधिकारी उप शिक्षा अधिकारी प्रतिशतता शिक्षण कार्य की रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से एससीईआरटी को उपलब्ध कराएंगे।


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