“धामी कैबिनेट विस्तार: 5 नए मंत्रियों की एंट्री, चुनाव से पहले साधा सियासी और सामाजिक संतुलन”
देहरादून/ उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे कैबिनेट विस्तार पर आखिरकार विराम लग गया। पुष्कर सिंह धामी सरकार में शुक्रवार को पांच नए मंत्रियों को शामिल किया गया। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सभी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इन नेताओं को मिली कैबिनेट में जगह
कैबिनेट में शामिल होने वाले नेताओं में खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह में भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर विशेष ध्यान आकर्षित किया।
अब 12 तक पहुंची मंत्रियों की संख्या
इस विस्तार के बाद धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। वर्ष 2022 में सरकार गठन के समय कई पद खाली थे, जबकि बाद में कुछ इस्तीफों और निधन के कारण कुल पांच पद रिक्त हो गए थे, जिन्हें अब भरा गया है।
चार साल के कामकाज के आधार पर चयन
सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रियों का चयन विधायकों के पिछले चार वर्षों के कार्य प्रदर्शन और राजनीतिक सक्रियता को ध्यान में रखकर किया गया है। साथ ही क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के बीच संतुलन साधने की कोशिश भी साफ नजर आती है।
नवरात्र में कैबिनेट विस्तार का ‘सियासी संदेश’
नवरात्र के शुभ अवसर पर किए गए इस विस्तार को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। सरकार और संगठन के बीच कई दौर की बैठकों के बाद इस पर अंतिम मुहर लगी।
2027 चुनाव से पहले रणनीतिक कदम
राज्य में 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह कैबिनेट विस्तार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने इस फैसले के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए चुनावी रणनीति को मजबूत करने की कोशिश की है।
रूठों को साधने और संतुलन बनाने की कोशिश
कैबिनेट विस्तार में कुछ ऐसे नेताओं को भी मौका दिया गया है, जिन्हें लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के बावजूद मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी। इससे पार्टी के भीतर संतुलन बनाने और संभावित असंतोष को कम करने की कोशिश भी दिखाई देती है।
