अवैध हथियार, आतंकी नेटवर्क, साइबर ठगी और बांग्लादेशी घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई
देहरादून। Deepam Seth की अगुवाई में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत उत्तराखंड पुलिस ने राज्यभर में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। अभियान की हाईलेवल समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 1400 से अधिक वांछित, फरार, इनामी और पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 40 हजार से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन कर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
डीजीपी दीपम सेठ ने गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के आईजी, सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, एसटीएफ और जीआरपी अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अभियान की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गुंडा एक्ट के तहत 130 से अधिक लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
राज्यभर में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस ने 66 अवैध शस्त्र बरामद किए हैं। उधम सिंह नगर पुलिस ने हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को भारी मात्रा में अवैध असलहा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। जांच में इनके तार आतंकी संगठन “अल बदर” से जुड़े मामलों से जुड़े पाए गए हैं।
वहीं Special Task Force Uttarakhand ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन “अल बरक ब्रिगेड” के संपर्क में रहे आरोपी विक्रांत कश्यप को देहरादून से अवैध पिस्टल और कारतूसों सहित गिरफ्तार किया। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भी विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने राज्यभर में असामाजिक तत्वों और शांति भंग करने वाले 4 हजार से अधिक लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की। वहीं यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। रैश ड्राइविंग, ड्रंक एंड ड्राइव, फर्जी नंबर प्लेट, हूटर के दुरुपयोग और संदिग्ध वाहनों के खिलाफ चलाए गए अभियान में 15 हजार से अधिक वाहनों के चालान किए गए, 900 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा 2 हजार से अधिक वाहन सीज किए गए।
ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने 18 हजार से अधिक बार, पब, क्लब, स्पा, होटल और ढाबों की चेकिंग की। नियमों के उल्लंघन पर 1200 से अधिक लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। साथ ही किराए के मकानों, पीजी, फ्लैट, होम-स्टे, होटल, धर्मशालाओं और आश्रमों में रह रहे बाहरी व्यक्तियों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसमें 40 हजार से अधिक लोगों का सत्यापन किया गया।
चारधाम यात्रा के दौरान साइबर ठगी रोकने के लिए भी पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया। यात्रा रजिस्ट्रेशन, हेली टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले करीब 200 फर्जी सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक किए गए, जबकि 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद कराए गए। पुलिस ने धोखाधड़ी में शामिल 147 बाहरी राज्य के लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार आगे भी और अधिक प्रभावशीलता तथा सख्ती के साथ जारी रहेगा।
