धामी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सुशासन और तेज विकास के लिए विभागों का पुनर्गठन

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धामी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सुशासन और तेज विकास के लिए विभागों का पुनर्गठन

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल के विभागों में व्यापक फेरबदल किया है। इस बदलाव को सरकार की कार्यक्षमता बढ़ाने और विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद, गृह, वित्त, राजस्व, आवास समेत कुल 18 अहम विभाग अपने पास रखे हैं। इसे शासन में बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

इस फेरबदल में स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए सुबोध उनियाल को चिकित्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके पास पहले से वन और निर्वाचन जैसे विभाग भी हैं, जिससे प्रशासनिक अनुभव का बेहतर उपयोग होने की उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं डॉ. धन सिंह रावत को शिक्षा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और सहकारिता शामिल हैं। इसे राज्य में शिक्षा सुधार और युवाओं के भविष्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

अन्य मंत्रियों को भी उनकी विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सतपाल महाराज को लोक निर्माण, पर्यटन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं, जबकि गणेश जोशी कृषि और सैनिक कल्याण से जुड़े क्षेत्रों को आगे बढ़ाएंगे।

इसी तरह रेखा आर्य को महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और युवा कल्याण जैसे विभाग सौंपे गए हैं, जबकि सौरभ बहुगुणा पशुपालन, दुग्ध विकास और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में काम करेंगे।

सरकार का मानना है कि यह पुनर्गठन राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और विकास की गति को और मजबूत करेगा। विभागों के स्पष्ट बंटवारे से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनहितकारी फैसलों में तेजी आने की उम्मीद है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फेरबदल सरकार की “परफॉर्मेंस-ड्रिवन गवर्नेंस” की नीति को दर्शाता है, जिसमें हर विभाग को परिणाम आधारित तरीके से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है।


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