हरिद्वार में ‘मिनी सचिवालय’ पहल शुरू: अब गांव में ही सुनी जाएंगी शिकायतें, 25 केंद्रों से मिलेगा सीधा समाधान
हरिद्वार, उत्तराखंड:
जनपद हरिद्वार में ग्रामीणों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुलभ व प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जिले में 25 ‘मिनी सचिवालय’ शुरू कर दिए गए हैं, जिससे अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पंचायत भवनों का हुआ कायाकल्प
प्रशासन ने गांवों के पुराने पंचायत भवनों का जीर्णोद्धार कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘मिनी सचिवालय’ में परिवर्तित किया है। इन केंद्रों पर ग्राम प्रधान स्वयं उपस्थित रहकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनेंगे और प्राथमिक स्तर पर समाधान सुनिश्चित करेंगे। इससे सरकारी सेवाएं अब ग्रामीणों के घर के पास ही उपलब्ध हो सकेंगी।
डिजिटल जनसुनवाई: हर सोमवार अधिकारियों से सीधा संवाद
इस पहल को डिजिटल तकनीक से भी जोड़ा गया है। प्रत्येक सोमवार को ‘वर्चुअल जनसुनवाई’ के माध्यम से ग्रामीण सीधे उच्च अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ सकेंगे। इससे न केवल शिकायत दर्ज करना आसान होगा, बल्कि उनके निस्तारण की ट्रैकिंग और निगरानी भी पारदर्शी तरीके से हो सकेगी।
पहली जनसुनवाई में सकारात्मक परिणाम
हाल ही में आयोजित पहली जनसुनवाई में कुल 42 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 21 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। प्रमुख समस्याओं में बिजली आपूर्ति, भूमि विवाद, अवैध अतिक्रमण, गुमशुदगी व पुलिस से जुड़े मामले तथा किसानों की सिंचाई व खाद संबंधी मांगें शामिल रहीं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त हर शिकायत का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने के साथ-साथ शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
