समाधान दिवस में 194 शिकायतें सुनी गईं, डीएम ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

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समाधान दिवस में 194 शिकायतें सुनी गईं, डीएम ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

देहरादून। जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 194 नागरिकों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, सीमांकन, ऋण माफी, विधिक सहायता, आर्थिक सहायता तथा पेयजल जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मधुमेह, हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सूची तैयार कर विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने तथा उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सड़क संपर्क से वंचित गांवों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग को शहर के आंतरिक मार्गों का ब्लैकटॉप कार्य शीघ्र पूरा करने, जिले के 11 प्रमुख पुलों की मरम्मत और सुरक्षा कार्य कराने तथा निचले क्षेत्रों में नदियों के चैनलाइजेशन का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। नगर निगम को अवैध डंपिंग जोनों की सूची फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया।

महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारी ने प्रमुख शहरों और कस्बों में डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को निष्प्रयोज्य सामग्री की नीलामी, कार्यालयों में स्वच्छता, नियमित निरीक्षण और लंबित पेंशन एवं एसीपी मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए।

समाधान दिवस में कई व्यक्तिगत मामलों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। मातावाला बाग निवासी 85 वर्षीय सोमप्रकाश द्वारा अवैध कब्जे और धन उगाही की शिकायत पर मुख्य नगर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं श्यामपुर निवासी रमाशंकर सिंह की शिकायत पर एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।

यमुना विहार निवासी दिव्यांग रोबिन डिक्रूज के संपत्ति विवाद और उत्पीड़न संबंधी मामले में जांच के निर्देश दिए गए। मकान ऋण अदायगी में असमर्थता के कारण बैंक द्वारा जारी नीलामी नोटिस के मामले में जिलाधिकारी ने बैंक की ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एडीएम और लीड बैंक अधिकारी से रिपोर्ट तलब की।

इसके अलावा राजेश्वर नगर में जल निकासी, बालावाला की पेयजल योजना, ऋषिकेश क्षेत्र की भूमि संबंधी शिकायतों तथा ठाकुरपुर स्थित खेल मैदान की सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एक महिला के उत्पीड़न संबंधी मामले में वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से विधिक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को स्वतः संज्ञान लेते हुए नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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