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आधी रात को बंद हो जाएगा Instagram? Meta के बड़े फैसले ने मचा दी हलचल, लेकिन भारत के लिए क्या है सच?

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आधी रात को बंद हो जाएगा Instagram? Meta के बड़े फैसले ने मचा दी हलचल, लेकिन भारत के लिए क्या है सच?

दुनिया के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और Instagram को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। Meta ने अमेरिका के कई राज्यों के साथ हुए एक ऐतिहासिक समझौते के तहत किशोरों (Teenagers) की सुरक्षा के लिए सख्त नियमों पर सहमति जताई है। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया की दुनिया में नई बहस छिड़ गई है।

नए प्रस्तावित नियमों के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के लिए Instagram और Facebook का इस्तेमाल सीमित किया जाएगा। किशोरों के अकाउंट पर प्रतिदिन दो घंटे की उपयोग सीमा लागू होगी और रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप का सामान्य उपयोग बंद रहेगा। स्कूल के समय नोटिफिकेशन भी म्यूट किए जाएंगे ताकि पढ़ाई के दौरान ध्यान न भटके।

यह कदम अमेरिका में बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद के बाद उठाया गया है। कई राज्यों ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म युवाओं को लंबे समय तक स्क्रीन पर बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे उनकी मानसिक सेहत प्रभावित हो सकती है। हालांकि Meta ने किसी भी गलती को स्वीकार नहीं किया है।

भारत के लिए क्या है सबसे बड़ी बात?

इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ये नियम फिलहाल केवल अमेरिका के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। Associated Press की रिपोर्ट के अनुसार Meta ने स्पष्ट किया है कि नई सुरक्षा व्यवस्थाएं केवल अमेरिका में लागू होंगी और उन्हें लागू करने से पहले अदालत की मंजूरी भी आवश्यक है। इसलिए भारत समेत दुनिया के अधिकांश देशों के सामान्य यूज़र्स पर इसका कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

यानी भारत में Instagram और Facebook उपयोग करने वाले लोगों के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक कोई प्रतिबंध लागू नहीं होने जा रहा है। भारतीय यूज़र्स पहले की तरह इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर सकेंगे।

क्या दुनिया भर में बदल सकता है सोशल मीडिया?

विशेषज्ञों का मानना है कि Meta का यह कदम भविष्य में वैश्विक सोशल मीडिया नीतियों को प्रभावित कर सकता है। यदि अमेरिका में यह मॉडल सफल साबित होता है तो अन्य देशों की सरकारें और नियामक संस्थाएं भी किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर इसी तरह के नियमों पर विचार कर सकती हैं।

फिलहाल इतना तय है कि Meta का यह फैसला सोशल मीडिया उद्योग के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या ये नए नियम वास्तव में किशोरों को सुरक्षित डिजिटल माहौल देने में सफल होते हैं या नहीं।


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