राहुल गांधी की एलन मस्क पर टिप्पणी और SIR विरोध पर बरसे सीएम धामी, बोले- देश की सुरक्षा सर्वोपरि
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी की एलन मस्क को लेकर की गई टिप्पणी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों पर सवाल उठाए हैं। धामी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी ताकतों के प्रभाव में आकर देश की व्यवस्थाओं को बाधित करने और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और सभी को निर्धारित नियमों व प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
एलन मस्क के मुद्दे पर क्या बोले धामी?
मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी की एलन मस्क को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेशी कंपनियों और व्यक्तियों के साथ कथित मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी तरह की अनुमति या लाइसेंस हासिल करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
धामी के मुताबिक, किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमों और सुरक्षा मानकों का अनुपालन अनिवार्य है।
SIR के विरोध पर भी उठाए सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है और उसके पास तथ्य या सबूत हैं, तो उन्हें संबंधित मंच पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
धामी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग नियमों के तहत चल रही प्रक्रिया का विरोध कर व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे देश में अव्यवस्था का माहौल बनाने की कोशिश बताते हुए अपनी चिंता जाहिर की।
विदेशी ताकतों के प्रभाव का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में CJP से जुड़े लोगों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई विशिष्ट सबूत इस बयान में सामने नहीं रखा गया है।
धामी के इस बयान से एलन मस्क से जुड़े मुद्दे और SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद पर सियासी बहस तेज होने की संभावना है। एक ओर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और नियमों के पालन को प्राथमिकता देने की बात कही, वहीं SIR को लेकर उठने वाली आपत्तियों पर तथ्य और सबूत सामने रखने पर जोर दिया।
