प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 28 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य, 12 लाख रोजगार के अवसर होंगे सृजित
देहरादून। उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक एक आदर्श हिमालयी राज्य के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने विकसित उत्तराखंड विजन-2047 का रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तैयार इस विजन में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, ऊर्जा, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीकी और कनेक्टिविटी सहित विकास के विभिन्न क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 28 लाख करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति आय 20 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
विजन-2047 के तहत उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए छह प्रमुख सेक्टरों पर विशेष फोकस किया गया है। इसमें कृषि, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्रमुखता दी गई है। इसके साथ ही बेरोजगारी दर को वर्तमान 5.7 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत और बहुआयामी गरीबी को 0.61 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने रोजगार सृजन को भी इस रोडमैप का अहम हिस्सा बनाया है। इसके तहत प्रदेश में 12 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि क्षेत्र में मोटे अनाजों की उत्पादकता बढ़ाकर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने और 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सगंध फसलों की खेती को विस्तार देने की योजना है। वहीं, पर्यटन क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में भी बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। वर्ष 2047 तक प्रदेश की स्थापित ऊर्जा क्षमता को बढ़ाकर लगभग 22 हजार मेगावाट करने और वन आच्छादन को 46.6 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए ऊर्जा उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया गया है।
कनेक्टिविटी के विस्तार को भी विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसके तहत सड़क, रेल, सुरंग और हवाई संपर्क को मजबूत करने की योजना है। प्रदेश में 13 हेली एंबुलेंस सेवाएं और चार फ्लाइंग स्कूल स्थापित करने का लक्ष्य भी रोडमैप में शामिल किया गया है। इससे पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के साथ हवाई संपर्क को भी बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है।
नियोजन सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार, विजन-2047 में केवल वर्ष 2047 के लक्ष्य ही नहीं रखे गए हैं, बल्कि वर्ष 2030, 2035, 2040, 2047 और 2050 के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। संबंधित विभागों को इन्हीं लक्ष्यों के आधार पर कार्ययोजनाएं तैयार करनी होंगी। साथ ही योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, विकसित उत्तराखंड विजन-2047 के जरिए सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, पर्यटन और उद्योगों का विस्तार करने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। अब इन दीर्घकालिक लक्ष्यों को धरातल पर उतारने और तय समयसीमा के भीतर हासिल करने के लिए विभागीय स्तर पर होने वाली कार्यवाही अहम होगी।
