रुद्रप्रयाग में 156 करोड़ की परियोजना पर ट्रायल शुरू, पुल और सुरंग से चारधाम यात्रियों को मिलेगी जाम से राहत
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को रुद्रप्रयाग शहर के यातायात जाम से राहत दिलाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। अलकनंदा नदी पर बने पुल और उससे जुड़ी सुरंग के रास्ते पर ट्रायल के तौर पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। नियमित यातायात चालू होने के बाद तीर्थयात्रियों को दोनों धामों की ओर जाने के लिए रुद्रप्रयाग बाजार से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रुद्रप्रयाग पहुंचकर चारधाम सड़क परियोजना के तहत तैयार इस मार्ग का निरीक्षण किया। लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।
पुल और सुरंग से जुड़ेगा दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों का संपर्क
इस परियोजना में अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई है। संपर्क मार्गों को मिलाकर इसकी कुल लंबाई करीब 1.18 किलोमीटर है। यह मार्ग केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-07 से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
मार्ग पर नियमित यातायात शुरू होने से रुद्रप्रयाग बाजार में वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद है। इसका लाभ चारधाम यात्रियों के साथ स्थानीय निवासियों और कारोबारियों को भी मिल सकता है। हालांकि, जाम से राहत का वास्तविक असर यातायात व्यवस्था और मार्ग के नियमित संचालन पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा की भी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी ली। इन स्थानों पर ढलानों को स्थिर करने और सुरक्षा संबंधी उपायों पर काम किया जा रहा है, ताकि पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का जोखिम कम किया जा सके और यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित बने।
संगम लाइब्रेरी में 2,500 से ज्यादा किताबें
रुद्रप्रयाग दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन की ओर से संचालित संगम लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। यह पुस्तकालय ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के तहत विकसित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की पहल पर शुरू हुए इस अभियान के जरिए पुस्तकालय को अब तक 2,500 से अधिक पुस्तकें मिल चुकी हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सामान्य ज्ञान, साहित्य और दूसरे विषयों से संबंधित किताबें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने पुस्तक दान की इस पहल की सराहना की और स्वयं 150 पुस्तकें दान कीं। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान बढ़ाने के साथ व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जिलाधिकारी के अनुसार, पुस्तकालय में उपलब्ध कराई जा रही अध्ययन सामग्री से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और अन्य पाठकों को लाभ मिल रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि जनसहभागिता के माध्यम से पुस्तकालय को अध्ययन और ज्ञानवर्धन के उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
कुल मिलाकर, रुद्रप्रयाग में सड़क संपर्क सुधारने की परियोजना और संगम लाइब्रेरी का विस्तार दो अलग-अलग पहल हैं। एक का उद्देश्य चारधाम यात्रा के दौरान यातायात दबाव कम करना है, जबकि दूसरी के जरिए विद्यार्थियों और युवाओं तक अध्ययन सामग्री पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
