35 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है सपा, गठबंधन पर राष्ट्रीय नेतृत्व लेगा फैसला
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रदेश में गठबंधन के जरिए चुनाव मैदान में उतरने की इच्छुक है। हालांकि, गठबंधन किस दल के साथ होगा और सीटों का बंटवारा किस आधार पर होगा, इसका अंतिम फैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।
समाजवादी पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने देहरादून में कहा कि पार्टी की इच्छा प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों में से 35 सीटों पर चुनाव लड़ने की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों के बंटवारे का निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व ही लेगा। गठबंधन होने की स्थिति में सपा अपने हिस्से की सीटों पर पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी और सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को भी पूरा समर्थन देगी।
सिद्दीकी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य उत्तराखंड से भाजपा को सत्ता से बाहर करना है। इसके लिए पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ युवाओं और महिलाओं को बड़ी संख्या में जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तराखंड में सपा के पुराने राजनीतिक आधार का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय समाजवादी पार्टी प्रदेश की दूसरी बड़ी राजनीतिक ताकत हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ पार्टी का जनाधार कमजोर होता चला गया। अब पार्टी आगामी चुनाव में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने और संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
इस बीच, समाजवादी पार्टी उत्तराखंड में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सक्रियता बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है। सिद्दीकी के मुताबिक, अखिलेश यादव के उत्तराखंड दौरे को लेकर शीर्ष नेतृत्व से लगातार संपर्क किया जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि अखिलेश यादव इसी महीने या दिसंबर में देहरादून और हरिद्वार का दौरा करें।
फिलहाल सपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश में अपना खोया हुआ राजनीतिक आधार वापस हासिल करने की है। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले संगठन विस्तार, गठबंधन की रणनीति और सीटों की दावेदारी पार्टी की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
