अमित शाह की रैली को कांग्रेस ने बताया फ्लॉप, सूर्यकांत धस्माना बोले- जनता भाजपा से छुटकारा चाहती है
देहरादून: परेड ग्राउंड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा के इस कार्यक्रम को फ्लॉप करार देते हुए आरोप लगाया है कि तमाम तैयारियों और प्रयासों के बावजूद पार्टी जनसभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा सकी। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के दस साल के शासन से परेशान हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है।
धस्माना ने जनसभा के आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहार के दिन भाजपा के कार्यक्रम के कारण व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ। उनका कहना था कि आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे व्यापारियों के लिए त्योहार कमाई का महत्वपूर्ण अवसर होता है, लेकिन कार्यक्रम के चलते उनका पूरा दिन प्रभावित रहा।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अमित शाह की जनसभा में अपेक्षाकृत कम लोगों की मौजूदगी के पीछे अंकिता भंडारी हत्याकांड भी एक बड़ा कारण रहा। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता आज भी संपूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि इस मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठे सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
धस्माना ने अमित शाह के उत्तराखंड में भाजपा की हैट्रिक लगाने के दावे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा को अगली हैट्रिक की बात करने के बजाय प्रदेश से अपनी विदाई की तैयारी करनी चाहिए।
एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। धस्माना ने राहुल गांधी की ओर से देश में कथित वोटों की गड़बड़ी को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को इन आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के नाम पर मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि देशभर में करीब 13 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालने के अधिकार से वंचित हुए हैं।
गौरतलब है कि अमित शाह ने अपनी जनसभा में कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए थे। अब भाजपा की रैली को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया ने प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर दिया है।
