डार्क वेब पर बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने का मामला, नैनीताल का किशोर पकड़ा; मोबाइल-लैपटॉप से 100 से अधिक वीडियो बरामद
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने डार्क वेब के जरिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री साझा करने और उसके बदले पैसे कमाने के मामले का खुलासा किया है। इस मामले में नैनीताल निवासी एक किशोर को पकड़ा गया है। एसटीएफ की जांच में उसके मोबाइल और लैपटॉप से 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। इनमें कुछ वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार या उनमें बदलाव किए गए थे। वहीं, कई वीडियो में किशोर के खुद शामिल होने की बात भी सामने आई है।
मामले का खुलासा हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान हुआ। एसटीएफ और साइबर पुलिस को जांच में नैनीताल निवासी किशोर के डार्क वेब के जरिए बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री तैयार करने और साझा करने में संलिप्त होने के संकेत मिले थे। इसके बाद जांच तेज की गई और बुधवार को उसे पकड़ लिया गया।
एसटीएफ के आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बृहस्पतिवार को एसटीएफ मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोर के मोबाइल और लैपटॉप की जांच में 100 से अधिक वीडियो मिले हैं। इसके अलावा डिलीट की गई कुछ फाइलों को भी रिकवर किया गया है, जिनमें बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री पाई गई।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि किशोर डार्क वेब पर मिलने वाली मांग के अनुसार वीडियो तैयार कर अपलोड करता था। इसके लिए वह अपने आसपास के बच्चों से संबंधित वीडियो बनाकर साझा करता था और बदले में उसे अच्छी खासी रकम मिलती थी। जांच में कुछ वीडियो में AI के इस्तेमाल से बदलाव किए जाने की बात भी सामने आई है।
आईजी एसटीएफ के अनुसार, वर्तमान वर्ष में अब तक टिपलाइन से मिली शिकायतों के आधार पर बच्चों से संबंधित अश्लील फोटो और वीडियो के मामलों में 150 से अधिक प्राथमिकियां दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें पांच एफआईआर हल्द्वानी में दर्ज हैं। इन्हीं मामलों की विवेचना के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले।
एसटीएफ को इस मामले में किशोर के कुछ अन्य स्थानीय साथियों के भी शामिल होने की आशंका है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने सभी पहलुओं की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डार्क वेब पर सामग्री किसे भेजी जाती थी, इसके बदले कितनी रकम मिलती थी और इस नेटवर्क से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
एसटीएफ का कहना है कि मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
