एम्स किच्छा में नौकरी के नाम पर ठगी का फर्जी भर्ती रैकेट पकड़ा, दो फर्जी नियुक्ति पत्र और 2 लाख रुपये बरामद
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश प्रशासन और सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले कथित फर्जी भर्ती रैकेट का खुलासा हुआ है। एम्स सुरक्षा विभाग की इंटेलिजेंस टीम ने मंगलवार को गोपनीय सूचना के आधार पर बैराज रोड पर स्टिंग ऑपरेशन चलाकर तीन संदिग्ध आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से एम्स सैटेलाइट सेंटर किच्छा के नाम पर तैयार किए गए दो फर्जी नियुक्ति पत्र और अभ्यर्थियों से वसूले गए दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से वसूली
एम्स प्रशासन के मुताबिक, संस्थान को लगातार ऐसी शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ लोग निर्माणाधीन एम्स किच्छा में विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की रकम मांग रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एम्स प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना तैयार की।
इसके तहत एम्स सुरक्षा विभाग की इंटेलिजेंस टीम ने एक कर्मचारी को नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी के रूप में आरोपियों के पास भेजा। सूचना के अनुसार, आरोपी बैराज रोड पर एक क्रेटा वाहन में बैठकर अभ्यर्थियों से पैसों का लेन-देन कर रहे थे। जालसाजी की पुष्टि होने के बाद सुरक्षा टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया।
नर्सिंग ऑफिसर और MTS के फर्जी नियुक्ति पत्र
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दो अभ्यर्थियों के नाम से तैयार किए गए फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद हुए। इनमें एक नियुक्ति पत्र नर्सिंग ऑफिसर और दूसरा मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) पद के लिए तैयार किया गया था। इसके अलावा अभ्यर्थियों से वसूले गए दो लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
एम्स ऋषिकेश के उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं सहायक कमांडेंट अनिल चंद्र ने बताया कि पूछताछ में तीनों आरोपियों के उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र का निवासी होने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा विभाग की टीम ने आरोपियों को उनके क्रेटा वाहन और बरामद फर्जी दस्तावेजों सहित एम्स ऋषिकेश पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया है। मामले में पुलिस स्तर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एम्स प्रशासन ने युवाओं को किया अलर्ट
एम्स ऋषिकेश के पीआरओ डॉ. श्रीलोय मोहंती ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी बिचौलिए या एजेंट के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश और उसके सैटेलाइट सेंटर एम्स किच्छा में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता के आधार पर होती है। भर्ती से संबंधित आधिकारिक जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है।
एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति नौकरी या नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एम्स प्रशासन अथवा पुलिस को दी जाए, ताकि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
