बढ़ते अपराध पर ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू, डीजीपी दीपम सेठ के सख्त निर्देश—अफसर उतरेंगे मैदान में
देहरादून, 1 अप्रैल। राजधानी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के मद्देनज़र पुलिस महकमा एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े रुख के बाद पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय आपातकालीन बैठक कर अपराधियों के खिलाफ “ऑपरेशन प्रहार” चलाने का निर्णय लिया है।
जवाबदेही तय, रोज होगी निगरानी
बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर ठोस परिणाम देने के निर्देश दिए।
- आईजी गढ़वाल को कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- एसएसपी देहरादून को अधीनस्थ अधिकारियों की टास्किंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- एसटीएफ को सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर उन्हें जेल भेजने की जिम्मेदारी दी गई है।
गश्त और चेकिंग पर जोर
पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है।
- क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी हॉटस्पॉट क्षेत्रों में खुद मौजूद रहकर पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाएंगे।
- प्रातःकालीन समय में विशेष “मॉर्निंग अलर्ट” के तहत गश्त और बैरियर्स पर सघन चेकिंग की जाएगी।
- पीजी, किरायेदारों और होम-स्टे में रहने वालों का सघन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
नाइट लाइफ पर सख्ती
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय के बाद संचालित होने वाले बार और पब्स के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सख्त प्रवर्तन किया जाएगा।
डीजीपी दीपम सेठ ने कहा, “राजधानी में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जन सुरक्षा सर्वोपरि है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।”
पुलिस के इस अभियान से राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है और आने वाले दिनों में अपराधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
