देहरादून चिड़ियाघर में बढ़ा आकर्षण: अब टाइगर-लेपर्ड के साथ दिखेगा हिमालयन ब्लैक बीयर

Our News, Your Views

देहरादून चिड़ियाघर में बढ़ा आकर्षण: अब टाइगर-लेपर्ड के साथ दिखेगा हिमालयन ब्लैक बीयर

देहरादून के देहरादून चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही एक नया आकर्षण जुड़ने जा रहा है। अब यहां पर्यटक टाइगर और लेपर्ड के साथ-साथ हिमालयन ब्लैक बीयर के भी दीदार कर सकेंगे। केंद्रीय केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने इसकी तैयारी तेज कर दी है।

करीब डेढ़ साल से चिड़ियाघर में मौजूद इस भालू को अब तक आम लोगों के लिए नहीं खोला गया था। अनुमति के इंतजार के बाद अब रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही इसे पर्यटकों के लिए बाड़े में प्रदर्शित किया जाएगा। चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, इसकी तारीख भी जल्द तय की जाएगी।

यह भालू साल 2024 में चकराता वन प्रभाग के कानासर रेंज से रेस्क्यू किया गया था। उस समय यह अपनी मां से बिछड़कर रिहायशी इलाके में पहुंच गया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने इसे सुरक्षित रेस्क्यू कर चिड़ियाघर में रखा, जहां इसके स्वास्थ्य और देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया। वर्तमान में इसकी उम्र करीब दो साल और वजन 40 से 50 किलो के बीच बताया जा रहा है।

चिड़ियाघर में इसके लिए विशेष बाड़ा तैयार किया गया है, जिसमें प्राकृतिक वातावरण देने की कोशिश की गई है ताकि यह सहज रूप से रह सके। वन विभाग का कहना है कि सभी जरूरी मानकों को पूरा करने के बाद ही इसे सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लाया जा रहा है।

वर्तमान में चिड़ियाघर में टाइगर और लेपर्ड मुख्य आकर्षण रहे हैं, लेकिन भालू के शामिल होने से पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा। इससे चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं, चिड़ियाघर में एक मादा भालू भी मौजूद है, जिसे साल 2025 में गोपेश्वर क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। फिलहाल उसे पर्यटकों के सामने नहीं लाया गया है, क्योंकि इसके लिए CZA से अनुमति मिलना अभी बाकी है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि हिमालयन ब्लैक बीयर को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

वन विभाग का लक्ष्य देहरादून चिड़ियाघर को वन्यजीव संरक्षण और शिक्षा का एक सशक्त केंद्र बनाना है। आने वाले समय में यहां टाइगर, लेपर्ड के साथ-साथ भालू के रोमांचक दीदार पर्यटकों के लिए एक खास आकर्षण बनने वाले हैं।


Our News, Your Views