मसूरी में मौसम हुआ सुहावना, बारिश और ठंडी हवाओं ने बढ़ाया पर्यटकों का आकर्षण

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मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक, अगले तीन दिनों तक बारिश के आसार

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, जबकि राजधानी देहरादून और पहाड़ों की रानी मसूरी में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मसूरी में शुक्रवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बीच-बीच में हुई हल्की बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया।

ठंडी हवाओं और फुहारों के बीच मसूरी का मौसम एक बार फिर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। जहां देहरादून, दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई मैदानी क्षेत्रों में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं, वहीं मसूरी का ठंडा और सुहावना मौसम उन्हें राहत पहुंचा रहा है।

मौसम में आए बदलाव के बाद माल रोड, गन हिल, कंपनी गार्डन, कैम्पटी फॉल और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। सुबह से छाए बादलों और हल्की बारिश के बीच पर्यटक छतरियों और रेनकोट के साथ मसूरी की वादियों का आनंद लेते नजर आए। कई लोग माल रोड पर टहलते हुए मौसम का लुत्फ उठाते दिखे, जबकि युवा और बच्चे बारिश की फुहारों के बीच सेल्फी और फोटोग्राफी में व्यस्त रहे।

पर्यटकों का कहना है कि मैदानी इलाकों की तपती गर्मी से राहत पाने के लिए मसूरी सबसे बेहतर विकल्पों में से एक है। बादलों से घिरी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य उनकी यात्रा को यादगार बना रहे हैं।

गर्मी की छुट्टियों और सप्ताहांत को देखते हुए मसूरी में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे संचालकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में पर्यटकों की आमद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनका मानना है कि यदि मौसम इसी तरह सुहावना बना रहा तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है।

मसूरी उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय और नजदीकी हिल स्टेशनों में शामिल है। यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक मसूरी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

संभावित बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। संबंधित विभागों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने तथा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


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