धर्मनगरी की मर्यादा से खिलवाड़ का आरोप, विरोध के बाद हटाया गया बोर्ड
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान लगाए गए “बार एंड रेस्टोरेंट” के बोर्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए इसे हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। विरोध बढ़ने पर शूटिंग से जुड़े लोगों ने बोर्ड से “बार” शब्द हटा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के एक भवन में किसी फिल्म की शूटिंग चल रही थी। बीती रात फिल्म के एक दृश्य की शूटिंग के लिए भवन के बाहर “बार एंड रेस्टोरेंट” का बोर्ड लगाया गया था। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापारी, पार्षद और कई समाजसेवी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने फिल्म निर्माताओं तथा भवन संचालकों से आपत्ति जताई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आर्थिक लाभ के लिए जानबूझकर हरिद्वार की धार्मिक पहचान और पौराणिक महत्व को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि हरिद्वार एक पवित्र तीर्थनगरी है, जहां मांस और मदिरा पर प्रतिबंध है, ऐसे में “बार एंड रेस्टोरेंट” का बोर्ड लगाना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है।
मां गंगा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कशिश भाटिया ने कहा कि शाम के समय उन्होंने होटल के बाहर यह बोर्ड देखा, जिसके बाद उन्होंने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक गरिमा के अनुरूप इस प्रकार का प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है। विरोध के बाद बोर्ड पर लिखे “बार” शब्द को हटा दिया गया।
समाजसेवी करण पंडित ने कहा कि श्रवणनाथ नगर क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर मां गंगा का पावन तट स्थित है और इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि हरिद्वार की पवित्रता को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की सजगता के कारण समय रहते बोर्ड हटाया गया और धर्मनगरी की मर्यादा की रक्षा की जा सकी।
हालांकि, शूटिंग किस फिल्म की हो रही थी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिल्म यूनिट से जुड़े लोग शूटिंग के लिए आवश्यक अनुमति होने की बात कहते नजर आए, लेकिन विवाद के बाद उन्होंने बोर्ड में तत्काल बदलाव कर दिया।
